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राजकुमारी के घुंघरुओं ने दी कल्पना को उड़ान

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कल्पना भूषण - फोटो : अमर उजाला
सामाजिक बंदिशों और रूढ़िवादी परंपराओं से संघर्ष करने वाली राजकुमारी कल्पना भूषण (56) शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में एक जाना-माना चेहरा है। सेक्टर-11 निवासी कल्पना का जन्म यूपी के बिजनौर जिले की रियासत राजा का ताजपुर में हुआ था।
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पारिवारिक प्रतिष्ठा और सामाजिक रिवाजों से जुड़ी कई बंदिशों का सामना करना पड़ा

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कल्पना भूषण - फोटो : अमर उजाला
नामी और प्रतिष्ठित परिवार से होने के कारण उन्हें बचपन से ही पारिवारिक प्रतिष्ठा और सामाजिक रिवाजों से जुड़ी कई बंदिशों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में उनके लिए नृत्यांगना बनने का सपना देखना आसान नहीं था। डॉक्टरेट की पढ़ाई के साथ ही कल्पना ने कथक, कुचीपुड़ी, भरतनाट्यम और वेस्टर्न जैसी कई नृत्य विधाओं में महारत हासिल की है।
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राजीव गांधी पुरस्कार, वुमन एंट्रप्रेन्योर, वुमेन लीडर जैसे कई पुरस्कार जीते

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कल्पना भूषण - फोटो : अमर उजाला
साथ ही राजीव गांधी पुरस्कार, वुमन एंट्रप्रेन्योर, वुमेन लीडर जैसे कई पुरस्कार अपने नाम किए। कल्पना ने साढे़ तीन साल की उम्र में नृत्य सीखने की इच्छा जताई। जिसे उस वक्त घरवालों ने मान लिया लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी होने लगीं, परिवार में आपत्तियां उठनी शुरू हो गई।

भारत की टॉप 10 नृत्यांगनाओं में शुमार हैं कल्पना

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कल्पना भूषण - फोटो : अमर उजाला
भारत की टॉप 10 नृत्यांगनाओं में शुमार कल्पना को मां के सिवा किसी ने भी समर्थन नहीं दिया। 1977 में नृत्य को करियर बनाते हुए उन्होंने नृत्य संस्थान अनुपम कला केंद्र शुरू किया।
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शादी होने पर उन्हें नृत्य को अलविदा कहना पड़ा

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कल्पना भूषण - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 1986 में शादी होने पर उन्हें नृत्य को अलविदा कहना पड़ा। साथ ही वह थॉयराइड की समस्या के कारण अत्यधिक मोटापे का शिकार हो गईं। शादी के बाद 8 साल बाद कल्पना ने फिर से अपनी पहचान के लिए संघर्ष शुरू किया। नृत्यांगना के अनुसार, लोगों ने उन्हें मोटापे और रिवाजों के तानों से हतोत्साहित करने के कई प्रयास किए।
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महिला उद्यमियों ने किया प्रोत्साहित

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कल्पना भूषण - फोटो : अमर उजाला
नोएडा सेक्टर-5 स्थित पेटीएम में शुक्रवार को महिला दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिला उद्यमियों को बुलाकर दूसरी महिलाओं को प्रोत्साहित किया गया। पेटीएम के उपाध्यक्ष सुधांशु गुप्ता ने कहा कि हमने व्यापारी को प्राथमिकता देने वाले मंच का निर्माण किया है।
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गरीबों की मदद का उठाया बीड़ा

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कल्पना भूषण - फोटो : अमर उजाला
कल्पना ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को मदद देने के लिए अपनी कला का सहारा लिया। उन्होंने अपने ट्रेनिंग सेंटर में रिक्शा चालक, कामवाली, सफाईकर्मियों की लड़कियों को बिना फीस नृत्य सिखाने लगीं। उनकी संस्था प्रयाग संगीत समिति से छात्राओं को डिग्री प्रदान करती है। उनकी कई छात्राएं विभिन्न जगहों पर कार्यरत हैं।

टोल फ्री रहेगा डीएनडी

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कल्पना भूषण - फोटो : अमर उजाला
महिला दिवस पर (8 मार्च) डीएनडी से गुजरने वाली महिलाओं से टोल नहीं लिया जाएगा। महिलाओं के सम्मान के लिए डीएनडी प्रबंधक ने यह निर्णय लिया है।
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रोजाना गुजरते हैं 1.2 लाख वाहन

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कल्पना भूषण - फोटो : अमर उजाला
प्रबंधक के मुताबिक, मंगलवार को कोई भी महिला चालक फ्लाईवे से गुजरेगी तो उससे टोल नहीं लिया जाएगा। गौरतलब है एक दिन में डीएनडी से करीब 1.20 लाख वाहन गुजरते हैं। जिसमें से 15 फीसदी वाहनों पर महिला ड्राइवर होती हैं।
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