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प्रद्युम्न हत्याकांड: अशोक की जमानत के लिए पड़ोसी ने दिए अपनी जमीन की रजिस्ट्री के पेपर

Wed, 22 Nov 2017 04:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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ryan school - फोटो : अमर उजाला
प्रद्युम्न की हत्या मामले में मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी यादव की अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार करते हुए अदालत ने 50 हजार के मुचलके पर अशोक को रिहा करने के आदेश दिए हैं, लेकिन मुचलके के लिए परिजन गांव व पड़ोसियों पर ही निर्भर हैं।
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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
अशोक के गांव गामरोज में रहने वाले उनके पड़ोसी महेश राघव ने अपनी जमीन के कागजात को बतौर जमानत रखने का फैसला किया है। राघव ने बताया कि मेरे और अशोक के घर की दीवार एक ही है। हम अपनी जमीन की रजिस्ट्री की पेपर बतौर जमानत अदालत में जमा करेंगे।
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ryan school - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
अशोक के गांववालों ने भी अपनी क्षमता के अनुसार उसकी पूरी मदद की है। किसी ने 50 रुपये तो किसी ने 100 रुपये दे कर जमानत राशि जुटाने में मदद की।

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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
दिलचस्प है कि जब अशोक के पिता अमीचंद से जब पूछा गया कि उनके बेटे की जमानत अदालत ने स्वीकार कर ली है। उनके बेटे को 50 हजार रुपये के मुचलके पर छोड़ने का आदेश दिया गया है। ऐसे में मुचलके का इंतजाम कैसे करेंगे? इस पर अशोक के पिता अमीचंद ने पूछ लिया कि यह मुचलका क्या होता है? 
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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
जब उन्हें इसके बारे में बताया गया तो वह बोले न तो मेरे पास इतने रुपये हैं और न ही इतनी राशि की प्रॉपर्टी है। ऐसे में इसका इंतजाम करना काफी मुश्किल हो जाएगा। घर पर परिवार का गुजारा भी मुश्किल हो गया है। खाने के लिए भी पड़ोस के लोग ही सहायता कर रहे हैं। 
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ryan school - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
इस दौरान वह अपने साथ आए पड़ोसियों की ओर उम्मीद से देखने लगे। पड़ोसियों ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है कि वे अशोक की जमानत के लिए 50 हजार रुपये का मुचलका देंगे। मुचलके का इंतजाम करने में पूरे गांववाले जुट गए। अमीचंद ने बताया कि अब उन्हें न्याय के लिए गांव की ओर से ही आस है। न केवल उन्हें बल्कि ग्रामीणों को भी यकीन है कि अशोक बेगुनाह है।
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