pollution in delhi
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इस समय कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों और गैर कोविड मरीजों को अपना ध्यान रखना होगा। भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। मरीजों के फेड़फों पर प्रदूषण का असर होने से कोविड से लड़ने की क्षमता कम हो जाएगी। जो कोविड पहले कम असरदार था। इस समय वह और ज्यादा ताकतवर हो जाएगा। प्रदूषण बढ़ने से कोविड बढ़ेगा और उसका असर पहले की अपेक्षा ज्यादा होगा। पहले रिकवरी रेट ज्यादा था। प्रदूषण के प्रभाव से रिकवरी रेट में भी गिरावट आ सकती है। इस साल कोविड-19 का प्रकोप है। सामान्य सर्दी जुकाम की तरह प्रदूषण का स्तर बढ़ने से इस वायरस का संक्रमण बढ़ने की आशंका है। प्रदूषण बढ़ने से कोरोना के मामलों में और वृद्धि देखने को मिल सकती है। - डॉ. अनिल पांडे, रजिस्ट्रार, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, एनआईटी तीन
मृत्यु दर को जनसंख्या घनत्व, लोगों की नजदीकी और भारी औद्योगिक या शहरीकृत क्षेत्रों से जोड़ा गया है जहां प्रदूषण का स्तर अधिक है। उन्होंने कहा कि ये कारक त्योहारों और सर्दी के मौसम में और अधिक प्रभावशाली हो सकते हैं। विशेषकर जहां पराली जलाई जाती है। इससे वायु की गुणवत्ता बुरी तरह से प्रभावित होती है। बढ़ते प्रदूषण का असर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। ऐसे में कोरोना मरीजों को तनाव सहित अन्य बीमारियों से ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है। - डॉ. रोहित गुप्ता, वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट, फोर्टिस एस्कॉर्टस अस्पताल, फरीदाबाद