राजधानी में बढ़ते प्रदूषण की वजह से सुबह सैर करने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। सुबह सैर करने आए एक व्यक्ति ने रविवार को बताया कि प्रदूषण बढ़ने की वजह से सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है और गले में भी दर्द हो रहा है।
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दिल्ली में प्रदूषण
- फोटो : ANI
आंकड़ों के अनुसार सुबह और शाम में प्रदूषण मानक से सामान्य से आठ गुना अधिक पहुंच रहा है। पीएम-10 सांस के माध्यम से गले, श्वांस नली और फेफड़ों तक पहुंचकर जम जाता है।
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दिल्ली में प्रदूषण
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इससे अस्थमा या श्वांस रोगों की शुरुआत हो सकती है। पीएम-10 की मात्रा 200 माइक्रोग्राम प्रति वर्ग मीटर के ऊपर जाने पर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो जाता है। वहीं पीएम 2.5 बहुत सूक्ष्म होता है और इसके काण सांस के माध्यम से खून में पहुंच जाते हैं।
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यह फेफड़ों को तो नुकसान पहुंचाता ही है, लेकिन खून में घुलकर अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। डॉ. शरद जोशी ने बताया कि प्रदूषण के दौरान वॉकिंग या व्यायाम के दौरान तेजी से सांस लेता है।
इसकी वजह से हवा में पीएम 10 और पीएम 2.5 के कण श्वांस नली में आसानी से पहुंच जाते हैं। पीएम 10 और 2.5 सामान्य से आठ गुना अधिक होने के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ मॉर्निंग वॉक न करने की सलाह दे रहे हैं।