जुनैद हत्याकांड को सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए मददगार साबित हो सकती है। असावटी गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। बाइक पर सवार तीन संदिग्ध कैमरों में कैद हुए हैं। मंगलवार को पुलिस ने फुटेज खंगालने के बाद गांव के सीसीटीवी कंट्रोल रूम को सील कर दिया। इसके अलावा एक बैंक के बाहर लगे कैमरे की फुटेज भी राजकीय रेलवे पुलिस ने सुरक्षित कर ली है।
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eid in junaid village
- फोटो : सोशल मीडिया
वारदात के बाद से ही जीआरपी और स्थानीय पुलिस सीसीटीवी कैमरों पर फोकस किए हुए हैं। इस वारदात के आरोपियों की पहचान के लिए ओखला से लेकर पलवल तक रेलवे लाइन के किनारे बड़ी इमारतों की खाक छान रही पुलिस को आखिरकार कामयाबी मिल ही गई है।
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junaid murder
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, असावटी गांव की पंचायत ने सुरक्षा के लिहाज से गांव में जगह-जगह 32 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हुए हैं। दो कैमरे गांव की मुख्य सड़क के प्रवेश द्वार पर भी लगे हैं, जिनमें बाइक सवार तीन संदिग्ध नजर आ रहे हैं। इसके अलावा गांव के बाहर स्थित सरकारी बैंक की एक शाखा के बाहर भी सीसीटीवी कैमरे में तीनों संदिग्ध कैद हो गए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को पुलिस की टीम महात्मा गांधी सेवा सदन में स्थापित किए गए सीसीटीवी कंट्रोल रूम में घंटों फुटेज खंगालने में लगी रही। हार्डडिस्क अपने कब्जे लेने के बाद पुलिस ने कंट्रोल रूम को सील कर दिया। सूत्रों के मुताबिक बैंक के बाहर सीसीटीवी कंट्रोल रूम में भी संदिग्ध साफ दिखाई दे रहे हैं, इसलिए पुलिस ने यहां से भी फुटेज हासिल की है।
सूत्रों के मुताबिक, रेलवे लाइन के किनारे पर बनी बड़ी इमारतों में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इसके लिए दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर स्थित एक इमारत, ओल्ड फरीदाबाद स्थित इमारत के साथ पलवल तक सीसीटीवी कैमरों का पता लगाया जा रहा है।