safdarjung
इनकी मंजूरी का इंतजार
एक अधिकारी ने बताया कि अभी एम्स में सर्जिकल ब्लॉक 200, मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक 400, बर्न विभाग 100, कैंसर सेंटर 710 और ट्रामा सेंटर की विभिन्न परियोजनाओं को मिलाकर करीब 1,864 बिस्तरों की व्यवस्था हो सकती है। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही प्रोजेक्ट शुरू करने की अंतिम मंजूरी प्रदान करेगी। हालांकि, कुछ प्रोजेक्ट पर एम्स और एनबीबीसी कंपनी के बीच एमओयू पर बीते वर्ष हस्ताक्षर हो चुका है। इधर एक दिन पहले ही दिल्ली सरकार ने लोकनायक अस्पताल में चार हजार बिस्तर की योजना बना ली है।
इन प्रोजेक्ट का मिलेगा लाभ
पीएम मोदी जिन प्रोजेक्ट का शुभारंभ करने जा रहे हैं। इनमें सबसे पहले एम्स और सफदरजंग के बीच टनल है। मरीजों को ट्रामा सेंटर लाने या ले जाने में ट्रैफिक जाम बाधक न बने लिहाजा दोनों के बीच टनल बनवाया गया है। करीब 40 करोड़ की लागत से डीएमआरसी ने इसे मेट्रो टनल के ऊपर बनाया है। यह काम अक्तूबर 2015 में पूरा हुआ। बीते वर्ष ही मरीजों के लिए इसे खोल दिया गया था। ठीक इसी तरह मरीज और तीमारदारों के लिए एम्स में करीब 30 करोड़ की लागत से ट्रामा सेंटर के पास धर्मशाला बनाई गई है। सभी प्रोजेक्ट में सबसे खास और अनोखा नेशनल एजिंग इंस्टीट्यूट रहेगा। यह इंस्टीट्यूट एम्स के अलावा चेन्नई में भी बनेगा। इसका काम अगले दो वर्ष में पूरे होने की उम्मीद है।