आईबी बोर्ड (इंटरनेशनल बैकलॉरीइट) से बारहवीं की पढ़ाई करने वाले छात्र हर साल अपने रिजल्ट में देरी के कारण दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले से वंचित हो जाते हैं।
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तस्वीरें: कॉलेज खुलने से पहले ही DU में छा गई रौनक
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इस बार आईबी बोर्ड के छात्रों के लिए दाखिले की राह आसान होने जा रही है। दरअसल, कॉलेज उन्हें दाखिले से मना नहीं कर सकेंगे।
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नतीजे घोषित होने पर कॉलेजों को उन्हें दाखिला देना होगा, लेकिन इसकेलिए जरूरी है कि छात्र ने डीयू के ओएमआर फॉर्म के जरिये आवेदन किया हो। हर साल कॉलेज जिन बोर्ड के नतीजे देर से आते हैं उन बोर्ड के छात्रों को दाखिला देने से मना कर देते हैं।
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कॉलेज यह कह देते हैं कि जिस कटऑफ में उनका नंबर आया उसके दाखिले हो चुके हैं। इसमें खास कर आईबी बोर्ड के छात्र ज्यादा होते हैं। लेकिन इस बार कॉलेज ऐसा नहीं कर पाएंगे।
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आईबी बोर्ड केनतीजे देरी से आने पर भी कॉलेजों को इनके नतीजे जारी होने के बाद उनके अंकों के आधार पर दाखिला देना होगा। नतीजे जारी होने से पूर्व आई जिस भी कटऑफ में इनका नंबर रिजल्ट घोषित होने पर आ रहा होगा तो कॉलेज को दाखिला देना होगा। हालांकि इसके लिए कॉलेज सीटों की उपलब्धता भी देखेगा।
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दिल्ली विश्वविद्यालय में जहां छात्रों को ओएमआर फॉर्म केसाथ प्रॉस्पेक्टस की जगह इस बार हैंडआउट देगा, वहीं कॉलेज अपना प्रोस्पेक्टस छाप सकेंगे। हालांकि कॉलेज अपना कोई अलग से प्री-रजिस्ट्रेशन फॉर्म नहीं भरवा सकेंगे।
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डीयू में छात्र ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यम से आवेदन कर देते हैं। इससे बड़ी संख्या में एक ही छात्र के डबल आवेदन के चलते यह लाखों में पहुंच जाती है। डीयू प्रशासन ने साफ किया है कि आवेदक केवल एक ही माध्यम ऑफलाइन या ऑनलाइन से ही आवेदन करें।