9 नवंबर से लागू हुई नोटबंदी के बाद आज 31 मार्च को पुराने 500 और 1000 के नोटों को आरबीआई में बदलने की आखिरी तारीख थी। इस मौके पर दिल्ली आरबीआई के बाहर जहां तक नजर जाती वहां लोग ही लोग दिखते जो अपनी मेहनत की कमाई को बचाने की आखिरी लड़ाई लड़ते नजर आ रहे थे। (सभी फोटोः कुमार संजय)
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आरबीआई के बाहर लगी नोट बदलवाने वाले लोगों की भीड़
- फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
कोई हाथ में पासपोर्ट लिए था तो कोई बस अपने बचे पैसे बदलवाने लाया था। पासपोर्ट के साथ आए लोग भी बड़े परेशान रहे। लंबी लाइनों में घंटों लगने के बाद भी उनका नंबर ना आते देख वो काफी परेशान दिख रहे थे।
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आरबीआई के बाहर लगी नोट बदलवाने वाले लोगों की भीड़
- फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
वहीं बहुत से लोग ऐसे भी थे जो अलग-अलग हिस्सों से यहां आए थे और अपने नोट बदलवाने के लिए तमाम दलीलें दे रहे थे।
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आरबीआई के बाहर लगी नोट बदलवाने वाले लोगों की भीड़
- फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
किसी की आंख में आंसू तो किसी आंख में अपनी गाढ़ी कमाई को रद्दी में जाते देखने का आक्रोश साफ नजर आ रहा था।
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आरबीआई के बाहर लगी नोट बदलवाने वाले लोगों की भीड़
- फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
लंबी लाइनों में लगे ये लोग बस इसी बात का इंतजार कर रहे थे कि काश किसी तरह इनके पैसे रिजर्व बैंक में जमा हो जाएं और रद्दी होने से बच जाएं। लोगों की सरकार से अपील रही कि वो तारीखें और नियम बदल दे ताकि लोगों के पैसे बच सकें।
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- फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
आखिरी मौका था फिर भी लोगों की आस बंधी हुई थी कि काश किसी तरह वो बैंक के अंदर घुस सकें और अपने पैसे बदलवा सकें। सबको मीडिया से भी शिकायत थी कि आखिर मीडिया इस बड़े मुद्दे को टीवी पर क्यों नहीं दिखाती। देश के सत्तासीन लोगों को क्यों नहीं बताती कि लोग किस तरह से परेशान हैं।
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आरबीआई के बाहर लगी नोट बदलवाने वाले लोगों की भीड़
- फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
सिक्योरिटी गार्ड्स से मिन्नतें करने के बाद भी कई लोगों को निराशा ही हाथ लगी और आंखों में आंसू और बेकार हो चुके अपने नोट लिए वो वापस घर चले गए।