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झुग्गी के अंदर जल रहा था चूल्हा, मेन गेट बंद ना किया होता तो जिंदा जलने से बच जाते 5 लोग

Wed, 28 Jun 2017 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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delhi cylinder blast
दिल्ली के ओखला इलाके में ईद के दिन पांच लोगों की आग में जलकर मौत हो गई। सोमवार रात करीब 9:56 बजे ओखला की टाटा स्टील झुग्गी के एक चाय की दुकान पर सिलेंडर फट गया। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हो गए। पुलिस और फायर टेंडर के मुताबिक, झुग्गी और उसके अंदर रखे सामान को बचाने के चक्कर में झुग्गी के गेट को बंद करना ही पांच लोगों की मौत का कारण बना गया। अगर झुग्गी का गेट खुला रहता, तो शायद लोगों की जान बच जाती। 
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बुजुर्ग मुन्नीलाल ने बताया कि घटना से कुछ समय पहले झुग्गी के अंदर पूजा हो रही थी। ज्यादातर लोग झुग्गी के अंदर थे। बाहर नाच-गाना हो रहा था। झुग्गी के मेन गेट पर चूल्हा जल रहा था और रोटी बन रही थी। सब्जी बनाने के लिए बड़े सिलेंडर को जलाने का प्रयास किया गया।
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बड़े सिलेंडर को जलाने के प्रयास में रेगुलेटर से गैस लीक हो गई। गैस के फैलने के साथ ही आग भी फैलती चली गई। आग झुग्गी के अंदर न आ जाए ये सोचकर झुग्गी के अंदर मौजूद लोगों ने झुग्गी के गेट को अंदर से बंद कर लिया। मगर गेट ऐसा था कि उसके मौजूद छेदों से गैस व आग झुग्गी के अंदर चली गई। 

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आग झुग्गी के मेन गेट पर लगी थी, इस कारण अंदर के लोग अंदर ही फंसे रह गए। झुगी के अंदर गैस के दो छोटे सिलेंडर रखे हुए थे। बताया जा रहा था कि एक सिलेंडर जल रहा था। इससे आग और फैल गई। इससे झुग्गी के अंदर मौजूद लोग आग की चपेट में आ गए। झुग्गी के छत भी लककियों की बनी हुई और उसके ऊपर प्लास्टिक की त्रिपाल पड़ी हुई थी। इससे आग और फैल गई। आग से चारों तरफ चीख पुकार व भगदड़ मच गई।       
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झुग्गी के बाहर बैठे लोग भी आग की चपेट में आ गए। लोगों ने दूर भागकर अपनी जान बचाई। आग में झुलसे जितेन्द्र ने बताया कि वह शादी में शरीक होने मऊ, यूपी से दो दिन पहले आया था। आग लगी तो वह बचाने झुगी के अंदर जाने लगा उसी दौरान वह आग की चपेट में आ गया। जितेन्द्र का कहना है कि अगर झुग्गी का गेट बंद नहीं किया जाता तो जान-मान का ज्यादा नुकसान नहीं होता। 
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झुग्गियों में लोग ड्रमों में पानी भरकर रखते हैं। उससे आग को बुझाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा जिस झुगी के अंदर आग लगी थी उसकी छत पर पानी की 500 लीटर की टंकी रखी थी। लोगों ने छत पर चढ़कर टंकी से पानी निकालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। मगर बाहर पड़े सिलेंडर से गैस लीक होती रही और आग बढ़ती रही। गनीमत ये रही कि सिलेंडर फटा नहीं। पुलिसकर्मी ने मौकेपर पहुंचकर सिलेंडर को दूर फेंका था, उसके बाद ही आग कम हुई थी।     
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आग - फोटो : amar ujala
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि फायरकर्मियों ने बचाव काम देरी से शुरू किया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि फायर स्टेशन कुछ ही दूरी पर स्थित है। आग लगने पर सबसे पहले फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी। फायरब्रिगेड की गाडिय़ां मौकेपर नहीं आईं तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने फायरब्रिगेड को सूचना दी तब फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां मौकेपर पहुंची थीं। ये भी आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के मौके पर पहुंचने के बावजूद 15 से 20 बाद बचाव कार्य शुरू किया गया था। इससे लोगों में नाराजगी है।        
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आग - फोटो : SELF
ओखला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को किसी भी मृतक केशव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। पीड़ित परिवार में शवों की शिनाख्त करने वाला कोई नहीं था। मौसियों के रिश्तेदार अभी यूपी से दिल्ली नहीं पहुंचे हैं। रिश्तेदारों के दिल्ली आने के बाद ही शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।       
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