पैनिक बटन के पास लिखना भी होगा, जिससे यात्री को पता चले कि पैनिक बटन कहां है। बटन दबाते ही उस ऑटो की लोकेशन परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम में पहुुंच जाएगा। उसके साथ ही उस वाहन की पूरी डिटेल, परमिटधारी और चालक की डिटेल भी विभाग के पास होगा। फिर उसके लोकेशन को ट्रेस किया जा सकेगा।