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ओबामा को गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली इस 'पोस्टर गर्ल' ने एयर फोर्स से जीती बड़ी जंग

Sat, 15 Jul 2017 04:16 PM IST
amarujala.com- Presented By- पूजा त्रिपाठी
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पूजा ठाकुर
साल 2015 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली एयर फोर्स की 'पोस्टर गर्ल' और विंग कमांडर पूजा ठाकुर ने देश की वायु सेना से चल रही अपनी लड़ाई जीत ली है।
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pooja thakur
असल में पूजा ठाकुर का मामला ऑर्मड फोर्स टिब्युनल (AFT) में चल रहा था। उन्हें अभी तक इंडियन एयर फोर्स में परमानेंट कमीशन नहीं मिल पाया था। लेकिन मिलिट्री कोर्ट के फैसले के बाद अब उन्हें परमानेंट कमीशन मिल जाएगा।
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pooja thakur
बता दें कि पूजा ठाकुर ने जब 2015 में बराक ओबामा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया था तो उन्हें पीएम मोदी द्वारा स्त्री शक्ति को भारत की डिफेंस फोर्स में बढ़ावा दिए जाने का संकेत माना जा रहा था। लेकिन बाद में एयर फोर्स द्वारा उनकी सेवा को बढ़ाने व उसे परमानेंट किए जाने से इनकार कर दिया गया। इसी के बाद पूजा ने एयर फोर्स के फैसले के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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pooja thakur
वीके शाली की अध्यक्षता वाली मिलिट्री कोर्ट की बेंच ने फैसला सुनाते हुए एयर फोर्स को निर्देश दिया कि विंग कमांडर पूजा ठाकुर को उनके पद पर फिर से बहाल किया जाए। जब पूजा के वकील मेजर एसएस पांडेय ने कोर्ट के सामने अपनी चिंता रखी कि पूजा के साथ बुरा व्यवहार हो सकता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि हम सिर्फ उम्मीद और भरोसा कर सकते हैं कि याचिकाकर्ता के केस को बिना किसी भेदभाव या बुरे बर्ताव के देखा जाएगा और उसे परमानेंट कमीशन दी जाएगी।
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हालांकि कोर्ट ने अपने आदेश में यह साफ कर दिया कि पूजा ठाकुर की फिर से बहाली के बाद वो ‌जितने दिनों के लिए अपने पद पर नहीं थी उतने दिनों की सैलरी व अन्य भत्ते नहीं मांग सकेंगी।
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बता दें कि जुलाई 2016 से पूजा ठाकुर और भारतीय वायु सेना के बीच न्यायिक विवाद जारी था क्योंकि वायु सेना ने उन्हें परमानेंट कमीशन देने से इनकार ‌कर दिया था।
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क्या है मामला: असल में भारतीय वायु सेना में किसी भी अधिकारी को परमानेंट कमीशन दिया जा सकता है और ये हक महिला अधिकारियों को भी हासिल है।
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ठाकुर ने सेना के इसी फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है जबकि सेना का कहना है कि उन्हें पहले ही ये मौका दिया गया था जिसे स्वीकार करने से उन्होंने मना कर दिया था। अब उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया जा सकता है।
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