फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

DUSU चुनाव में NOTA ने कैसे बिगाड़ा छात्र संगठनों का समीकरण, पढिए रिपोर्ट  

Thu, 14 Sep 2017 09:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
डूसू चुनाव
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में इस बार नोटा ने छात्र संगठनों का समीकरण बिगाड़ दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस बार आइसा का वोट नोटा से भी छोटा है। आगे पढ़िए ये खास रिपोर्ट...
 
विज्ञापन

2 of 7
dusu election - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, राजनीति से नाराज होकर छात्रों ने इस चुनाव में जमकर नोटा का बटन दबाया है। बीते साल पहली बार डूसू चुनाव में नोटा बटन को शामिल किया गया था। बीते साल ही 17,712 मतदाता ऐसे थे जिन्हें अपना प्रत्याशी पंसद नहीं आया। ऐसे में उन्होंने प्रत्याशी को ना कहने में हिचकिचाहट नहीं दिखाई। 
 
विज्ञापन

3 of 7
dusu election - फोटो : अमर उजाला
डूसू चुनाव में इस बार सबसे ज्यादा 29,765 नोटा बटन का इस्तेमाल हुआ। हैरान करने वाला यह है कि यह आइसा को चारों सीटों पर मिले मतों से भी ज्यादा है। आइसा को चारों सीटों पर 29,354 वोट मिले हैं। नोटा बटन दबाने से एबीवीपी व एनएसयूआई को कम लेकिन आइसा को सबसे अधिक नुकसान हुआ।  

4 of 7
एनएसयूआई के उम्मीदवार रॉकी तुषीड जीत के बाद
इस कारण से आइसा का काफी वोट कटा। अध्यक्ष पद पर 5162 नोटा बटन दबा जबकि आइसा की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार को 4895 वोट मिले। वहीं उपाध्यक्ष पद पर 7684 नोटा बटन दबाया गया। हालांकि इस पद पर आइसा को नोटा से थोड़े ज्यादा 7765 वोट मिले हैं।  
 
विज्ञापन

5 of 7
डूसू चुनाव - फोटो : अमर उजाला
नोटा ने यह साबित किया कि छात्र कैंपस वोट देने तो आए लेकिन उन्होंने किसी भी संगठन को वोट देना मुनासिब नहीं समझा। सचिव पद 7891 नोटा बटन दबाया गया। सबसे हैरान करने वाली बात सहसचिव पद पर है।    
विज्ञापन

6 of 7
डीयू छात्रसंघ चुनाव में जीत के बाद नोएडा एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने यूं मनाई खुशी - फोटो : लाल सिंह
इस सीट पर एबीवीपी, एनएसयूआई प्रत्याशी केबाद छात्रों ने नोटा को ही वोट किया। इस पद पर 9028 नोटा दबाया गया। जबकि आइसा को 8659 वोट मिले हैं। नोटा का इस्तेमाल ज्यादा होने से आइसा का वोट काफी कटा। माना जा रहा है कि रामजस कॉलेज में एबीवीपी और आइसा के बीच हुई हिंसा का नकारात्मक प्रभाव आइसा को ही हुआ। क्योंकि एबीवीपी का अपना कैडर वोट नहीं कटा।  

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
dusu election - फोटो : अमर उजाला
अध्यक्ष पद पर विजयी प्रत्याशी का अंतर 1590--नोटा दबा 5162
उपाध्यक्ष पर पर विजयी प्रत्याशी का अंतर 175--नोटा दबा 7684
सचिव पद                                  2624             7891
संयुक्त सचिव                               342              9028 
 

- चारों पदों पर कुल 29,765 नोटा बटन दबा       
- बीते साल 17,712 ने नोटा बटन दबाया 
- आइसा का वोट नोटा से भी छोटा ​
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें