राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की टीम, आपदा मित्र और होमगार्ड को तैनात किया गया है। साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में एसडीआरएफ, पीएसी और अग्निशमन विभाग की टीमें भी सक्रिय हैं।
गौतमबुद्धनगर में यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
विज्ञापन
2 of 9
यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है
- फोटो : अमर उजाला
18 गांवों की 3700 आबादी प्रभावित
तहसील सदर के 12 और दादरी के 6 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों की लगभग 3700 की आबादी प्रभावित हुई है। इनमें से 3396 लोगों को विभिन्न शरणालयों में ठहराया गया है।
विज्ञापन
3 of 9
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालते कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
शरणालयों में भोजन की व्यवस्था
शरणालयों में रह रहे लोगों के लिए सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गई है। यहां तीनों समय भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि किसी को भी भोजन की समस्या का सामना न करना पड़े।
4 of 9
लोगों को सुरक्षित निकालती टीम
- फोटो : अमर उजाला
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की तैनाती
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की टीम, आपदा मित्र और होमगार्ड को तैनात किया गया है। साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में एसडीआरएफ, पीएसी और अग्निशमन विभाग की टीमें भी सक्रिय हैं।
विज्ञापन
5 of 9
गांवों में चले नाव
- फोटो : अमर उजाला
अलग-अलग क्षेत्रों में बचाव टीमें तैनात
तहसील सदर सेक्टर-135 में एसडीआरएफ की टीम तैनात है, जबकि नॉलेज पार्क क्षेत्र में पीएसी 44 बटालियन की टीम काम कर रही है। तहसील दादरी सेक्टर-128 में अग्निशमन और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम मौजूद है।
विज्ञापन
6 of 9
पशुओं को निकाला गया सुरक्षित
- फोटो : अमर उजाला
पशु शिविर में 1471 गौवंश सुरक्षित
सेक्टर-135 ग्रीन बेल्ट पुश्ता रोड पर पशु शिविर बनाया गया है। यहां लगभग 1471 गौवंश को सुरक्षित रखा गया है।
विज्ञापन
7 of 9
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर
- फोटो : अमर उजाला
592 राहत किट का वितरण
अब तक दादरी क्षेत्र में 182 और सदर क्षेत्र में 410 राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। प्रशासन लगातार जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचा रहा है।
8 of 9
बाढ़ पीड़ितों के लिए लगाए गए स्वास्थ्य शिविर
- फोटो : अमर उजाला
स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष व्यवस्था
शरणालयों में रह रहे लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। विभाग की छह मेडिकल रेस्पॉन्स टीमें एंटी स्नेक वेनम समेत सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा रही हैं।