फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yuvraj Death: विदेश में शिफ्ट होंगे पिता! इंजीनियर की बहन और जीजा को मिला वीजा; SIT जल्द CM को सौंपेगी रिपोर्ट

Tue, 27 Jan 2026 03:39 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा/ग्रेटर नोएडा

सार

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में एसआईटी की जांच पूरी हो गई है। अब जल्द एसआईटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। एसआईटी के लौटने के बाद से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में गहमागहमी बनी हुई है। 
विज्ञापन
1 of 10
Noida Yuvraj death - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की बहन और जीजा यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रहते हैं। उन्हें भारत आने का वीजा मिल गया है। दोनों के इस सप्ताह भारत पहुंचने की संभावना है। हादसे के बाद से ही युवराज की बहन भारत आकर अपने भाई को अंतिम विदाई देना चाहती थीं, लेकिन वीजा संबंधी औपचारिकताओं के कारण देरी हो रही थी।

परिजनों के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही युवराज की बहन गहरे सदमे में चली गई थी। लगातार प्रयासों के बाद अब उन्हें और उनके पति को वीजा मिल गया है। परिजन उम्मीद जता रहे हैं कि युवराज की बहन के भारत पहुंचने के बाद वह सभी मिलकर उसकी आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
विज्ञापन

2 of 10
इंजीनियर युवराज की फाइल फोटो और पिता - फोटो : अमर उजाला
विदेश में शिफ्ट होने के बारे में बाद में लेंगे फैसला
वहीं, युवराज की मौत के बाद से उसके पिता राजकुमार मेहता अकेले पड़े गए हैं। पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। इस कारण कई रिश्तेदारों के अलावा खुद युवराज की बहन ने पिता को यूके बुलाने के लिए कहा है। हालांकि, युवराज के पिता की ओर से इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। युवराज के चाचा और अन्य परिजन अभी भारत में रहते हैं।
विज्ञापन

3 of 10
घटना स्थल पर युवराज की मौत को लेकर जॉच करने पहुंची एसआईटी की टीम - फोटो : अमर उजाला
एसआईटी की जांच पूरी, कार्रवाई का इंतजार
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में एसआईटी की जांच पूरी हो गई है। टीम शनिवार देर रात मेरठ लौट गई। प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट एसआईटी को सौंप दी। अब कार्रवाई का इंतजार है। उधर, कार्रवाई में हो रही देरी से युवराज के परिजन और शहरवासी नाखुश हैं।

 

4 of 10
नोएडा के सेक्टर-150 स्थित घटना स्थल स्थित पानी से मृतक युवराज की कार को क्रेन से निकाला गया - फोटो : अमर उजाला
सेक्टर 150 में 16 जनवरी को हुए हादसे के बाद सिस्टम की लापरवाही से युवराज मेहता की मौत हो गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की जांच पांच दिनों तक चली। इस दौरान 150 लोगों के बयान दर्ज किए। 

 
विज्ञापन

5 of 10
नोएडा के सेक्टर-150 स्थित घटना स्थल स्थित पानी से मृतक युवराज की कार को क्रेन से निकाला गया - फोटो : अमर उजाला
इनमें पुलिस, प्रशासन, प्राधिकरण के अधिकारी और चश्मदीद थे। शनिवार एसआईटी की जांच पूरी हो गई। अब जल्द एसआईटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। एसआईटी के लौटने के बाद से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में गहमागहमी बनी हुई है। 
विज्ञापन

6 of 10
नोएडा के सेक्टर-150 स्थित घटना स्थल स्थित पानी से मृतक युवराज की कार को क्रेन से निकाला गया - फोटो : अमर उजाला
अब किसी भी दिन मामले में शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई के निर्देश जारी हो सकते हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि इंसाफ मिलने में लगातार देरी हो रही है। इन सब के बीच रिपोर्ट में संशोधन होने पर एसआईटी दोबारा लौट सकती है। एसआईटी में एडीजी पुलिस मेरठ जोन भानु भास्कर, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अजय वर्मा शामिल थे।
विज्ञापन

7 of 10
नोएडा के सेक्टर-150 में दुर्घटना ग्रस्त कार सवार को निकालने के लिए जाती एसडीआरएफ की टीम - फोटो : अमर उजाला
पुलिस रिपोर्ट का दावा, मोनिंद्र की लोकेशन घटनास्थल से काफी दूर
पुलिस की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में युवराज को बचाने की कोशिश करने वाले डिलीवरी बॉय मोनिंद्र की लोकेशन कहीं और बताई जा रही है। पुलिस की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में युवराज समेत मोनिंद्र के मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल निकाली गई। पुलिस के अनुसार, जिस समय मोनिंद्र घटनास्थल पर होने का दावा कर रहा है, उस समय उसके मोबाइल की लोकेशन काफी दूर थी।

8 of 10
नोएडा के सेक्टर-150 में हुई कार दुर्घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
पुलिस कंट्रोल रूम पर आई पहली कॉल से लेकर मौके पर पुलिस, अग्निशमन दल और सुरक्षा बचाव दल के पहुंचने तक की टाइमलाइन भी साझा की गई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि युवराज को बचाने का पूरा प्रयास किया गया। उधर, युवराज का मोबाइल फोन किस समय बंद हुआ और उनके मोबाइल की लोकेशन भी रिपोर्ट में साझा की गई।
 

9 of 10
इंजीनियर युवराज की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक व्यक्ति पुलिस के विरुद्ध बोलने पर ज्यादा प्रतिक्रिया मिलने की बात बोल रहा है। पुलिस का कहना है कि इसकी जांच कराई जा रही है। वहीं युवराज को बचाने का प्रयास करने वाले मोनेंद्र के दिए गए बयान को पुलिस ने निराधार बताया है।
विज्ञापन

10 of 10
नोएडा के सेक्टर -150 स्थित गड्ढे में जहां कार गिरी थी उसके दूसरी तरफ भी नहीं है कोई बैरिकेड - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने रविवार को एक प्रेसनोट जारी करते हुए बताया कि मोनेंद्र ने जान का खतरा होने का आरोप लगाया है। साथ ही दबाव बनाने का आरोप भी लगाए हैं। पुलिस ने मोनेंद्र की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें