फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida Violence: सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने की थी प्रोग्रामिंग, यहां बना प्रदर्शन को हिंसा में बदलने का पूरा प्लान

Sun, 19 Apr 2026 06:00 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नोएडा हिंसा की प्रोग्रामिंग की थी। 30 मार्च से एक अप्रैल तक उसने अपने फ्लैट पर कई बैठकें की थी। नोएडा के सेक्टर 37 अरुण विहार में प्रदर्शन को हिंसा में तब्दील करने की साजिश रची थी। मास्टरमाइंड आदित्य की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ी है।
विज्ञापन
1 of 13
Noida Violence - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा शहर में 13 अप्रैल को औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के प्रदर्शन में तोड़फोड़ और हिंसा के मास्टरमाइंड सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद उर्फ रस्टी (28) को पुलिस और एसटीएफ ने तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है। वह सेक्टर-37 अरुण विहार में किराये के फ्लैट में रहता था। शुरुआती पूछताछ और एसटीएफ की जांच में यह खुलासा हुआ है कि इसके फ्लैट पर 30 मार्च से 1 अप्रैल तक कई बैठकें हुई थीं। इन बैठकों में मजदूर बिगुल, दिशा संगठन, आरडब्ल्यूपीआई, नौजवान भारत सभा व एकता संघर्ष समिति गौतमबुद्ध नगर के सदस्य कई बार जुटे थे। 

 
विज्ञापन

2 of 13
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : एएनआई
इन बैठकों में ही श्रमिकों को प्रदर्शन के लिए उकसाने और प्रदर्शन को उग्र बनाने की साजिश रची गई थी। आरोपी आदित्य आनंद उर्फ रस्टी बिहार के हाजीपुर की छोटी मढैया गांव का मूल निवासी है। गुरुग्राम के सरस्वती विहार सेक्टर-28 उसका अस्थायी पता है। 

 
विज्ञापन

3 of 13
मास्टरमाइंड सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद - फोटो : अमर उजाला
बीटेक पास करने बाद नोएडा आया
बिहार के वैशाली के आरआर इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास कर वर्ष 2013 में पटना में रहना शुरू किया। वर्ष 2020 में एनआईटी जमेशदपुर से बीटेक पास होने के बाद कैंपस प्लेसमेंट से उसकी नौकरी नोएडा स्थित एक एमएनसी में लगी थी। वह 2022 में गुरुग्राम शिफ्ट हो गया था। 

 

4 of 13
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस की बाइक को लगाई आग - फोटो : पीटीआई
अरुण विहार के फ्लैट में रहने लगा था आरोपी
जून 2025 में गुरुग्राम से नोएडा आकर अरुण विहार के फ्लैट में रहने लगा था। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक के जरिए मजदूर बिगुल के बारे में पढ़ा था। मजदूर बिगुल के संपादक अनुभव सिन्हा के संपर्क में वर्ष 2022 में आकर यह 2022 से नोएडा की कंपनियों में होने वाली छुटपुट घटनाओं की रिपोर्टिंग करने लगा। वहां रुपेश राय भी आता था। 

 
विज्ञापन

5 of 13
नोएडा में प्रदर्शन करते श्रमिक - फोटो : एएनआई
रुपेश से आदित्य की मुलाकात 2023 में भगत सिंह जन अधिकार यात्रा में हुई थी जिसे मजदूर बिगुल ने निकाला था। इसके बाद यह मजदूर बिगुल के सीनियर लीडर्स व कार्यकर्ताओं के संपर्क में आया। फिर इनके आंदोलनों में शामिल होने लगा था। 

 
विज्ञापन

6 of 13
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान बाइक और कारों में लगाई आग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आदित्य आनंद से पूछताछ में होंगे कई अहम खुलासे
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे फंडिंग कहां से आ रही थी। अधिकारियों का कहना है कि आदित्य आनंद से पूछताछ के बाद कई और अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस साजिश के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा। 
विज्ञापन

7 of 13
मास्टरमाइंड सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद - फोटो : अमर उजाला
19 मार्च को डीएम ऑफिस पर जाकर किया था प्रदर्शन
आदित्य कई संगठनों के संपर्क में था और उनके माध्यम से श्रमिकों के बीच अपनी पकड़ बना रहा था। सेक्टर-4 में स्मार्ट मीटर बनाने वाली कंपनी में आग लगने से एक मजदूर की मौत हो गई थी। कई झुलसे भी थे। आदित्य ने यह मुद्दा भी उठाने की कोशिश की थी। 

 

8 of 13
मास्टरमाइंड सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद - फोटो : अमर उजाला
मजदूर बिगुल का पत्रकार बनकर यह झुलसे श्रमिकों के घर रिपोर्टिंग के लिए गया था। वहीं 19 मार्च को डीएम के कार्यालय पर नौजवान भारत सभा के 5 सदस्यों के साथ पहुंचा था। वहां पर ज्ञापन दिया था इसके साथ ही बैनर लेकर मौके पर प्रदर्शन किया था। ये फोटो आदित्य ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक पर साझा की हुई हैं। 
 

9 of 13
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान कंपनी में तोड़फोड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फंडिंग की जांच कर रही एटीएस 
पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि एक्स के दो अकाउंट से नोएडा श्रमिक प्रदर्शन से जुड़ी अफवाह फैलाने का काम किया गया है। इन अकाउंट को संचालन पाकिस्तान से हो रहा था। इस एंगल से एटीएस भी जांच में लगी हुई है। कुछ समय पहले एटीएस ने लखनऊ से चार ऐसे युवकों को पकड़ा था जो पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे। उनके निर्देशों पर आगजनी की घटनाएं कर रहे थे। इनमें दो आरोपी नोएडा के बादलपुर थानाक्षेत्र के थे। 

 

10 of 13
सेक्टर 60 के पास जमा लोगों पर पुलिस ने भाजी लाठियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उग्र प्रदर्शन के बाद नोएडा से भाग चेन्नई पहुंचा था 
पुलिस के मुताबिक आदित्य ने प्रदर्शन के दौरान एक जगह पर श्रमिकों के बीच पहुंचकर भाषण भी दिया था। वहां की फोटो और वीडियो को देखने के बाद ही उसका नाम पुलिस की जांच में सामने आया। इसके बाद हाल के दिनों में उसकी सारी गतिविधियों की जांच की गई। 
 

11 of 13
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पथराव करते प्रदर्शनकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना के तीन दिन बाद 16 अप्रैल को जब उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट हुआ था तो वह चेन्नई भाग गया। वहां कई लोगों के संपर्क में वह रहा। फिर वहां से त्रिचुरापल्ली पहुंचा जहां से एसटीएफ और पुलिस की टीम ने इसे पकड़ा। 

 

12 of 13
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पथराव करते प्रदर्शनकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर की लपटें नोएडा तक पहुंचीं
फेसबुक पर आदित्य ने मार्च से कोई पोस्ट नहीं की है। सिर्फ मजदूर बिगुल व अन्य संगठनों के पोस्ट साझा किए हैं। श्रमिकों के आंदोलन से जुड़े कई पोस्ट मजदूर बिगुल के साझा किए गए हैं। इनमें लिखा गया है कि मानेसर हड़ताल की लपटें नोएडा तक पहुंचीं।
विज्ञापन

13 of 13
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करते प्रदर्शनकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यही नहीं 9 अप्रैल को फेज-2 में रिचा ग्लोबल कंपनी के सामने हुए प्रदर्शन में बैनर भी बनवाकर लाया गया था। साझा किए गए पोस्ट में श्रमिकों के लिए हेल्पलाइन के तौर पर दो मोबाइल नंबर भी जारी किए जाते थे।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें