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नोएडा सुसाइड केस: शॉक और रक्तस्राव से हुई मौत, कई हिस्सों में बंट गया था शरीर; संभव जैन की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

Mon, 05 Oct 2026 02:29 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा के एस्पायरा टावर से कूदकर खुदकुशी करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में शॉक और रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया है। ऊंचाई से गिरने और बीच में टकराने के कारण शरीर कई हिस्सों में बंट गया था। 
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Noida suicide case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा के एस्पायरा टावर से कूदकर जान देने वाले गुरुग्राम मानेसर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट रविवार को आ गई। रिपोर्ट में मौत का कारण शॉक और हेमरेज बताया गया है। ऊंचाई से गिरने और बीच में टकराने के कारण शरीर कई हिस्सों में बंट गया था। 

इसके चलते रिपोर्ट में मल्टीपल इंजरी भी आईं हैं। एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों की पुष्टि की है। शव की स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण स्वजन ने शनिवार देर शाम नोएडा सेक्टर 94 स्थित अंतिम निवास में ही उनका दाह संस्कार कर दिया था। 
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सुपरनोवा से खुदकुशी करने वाले इंजीनियर को बचाने की कोशिश करते लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार की ओर से अभी तक पुलिस को कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 
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नोएडा सुपरनोवा बिल्डिंग से कूदने से पहले इंजीनियर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इंजीनियर संभव जैन ने की थी खुदकुशी
यूपी की सबसे ऊंची बिल्डिंग नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी की 42वीं मंजिल से शनिवार को कूदकर इंजीनियर संभव जैन ने खुदकुशी कर ली थी। ऊंचाई से गिरने के कारण उसका शरीर क्षत-विक्षत हो गया था। इसका दिल दहलाने वाला वीडियो भी सामने आया है। गुरुग्राम निवासी संभव (30) ने शुक्रवार को ही सुपरनोवा के एक एयरबीएनबी में चेक-इन किया था, शनिवार को चेक आउट करना था। कर्ज से परेशान संभव ने खुदकुशी से पहले पिता को व्हाट्सएप पर मैसेज भेज कहा था कि वह जीना नहीं चाहता।

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सुपरनोवा से खुदकुशी करने वाला इंजीनियर संभव जैन(फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सॉफ्टवेयर इंजीनियर था मृतक संभव जैन 
पुलिस के अनुसार मृतक संभव जैन गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर का रहने वाला था और एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर था। वह दो अक्तूबर को दोपहर को स्पायरा बिल्डिंग में ठहरने आया था। कमरे की बुकिंग उसने एयरबीएनबी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की थी। कमरे में वह अकेला था। 
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सुपरनोवा से खुदकुशी करने वाले इंजीनियर को बचाने की कोशिश करते लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे एसी रिपेयरिंग का काम कर रहे कर्मचारियों की नजर बालकनी की तरफ गई। उन्होंने संभव को रेलिंग के बाहर लटका देखा। उसकी स्थिति देखकर कर्मचारियों ने उसे समझाना शुरू किया। उन्होंने उससे नीचे नहीं कूदने और वापस अंदर आने के लिए कहा। उस समय वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर ऊपर खींचने की कोशिश की थी। लेकिन वो कूद गया।
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सुपरनोवा में इंजीनियर की गिरकर मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नहीं गिर रहा सर... कहकर चार लोगों के सामने लगा दी छलांग
नोएडा में सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा की स्पायरा बिल्डिंग में शनिवार को हुए हादसे के संबंध में कुछ और रोंगटे खड़े कर देने वाले विवरण सामने आए हैं। 42वीं मंजिल की बालकनी की रेलिंग के बाहर लटके सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन को बचाने के लिए एसी रिपेयरिंग स्टाफ समेत चार लोगों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। 

 
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सुपरनोवा में इसी जगह गिरा था इंजीनियर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वजन अधिक होने के कारण चारों की पकड़ फिसल गई। जिसके कुछ क्षणों बाद संभव ने छलांग लगा दी। चार लोगों की आंखों के सामने हुई इस घटना से वहां मौजूद लोग सहम गए। पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे एसी रिपेयरिंग का काम कर रहे कर्मचारियों की नजर बालकनी की तरफ गई। 

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सुपरनोवा से इंजीनियर संभव जैन ने की खुदकुशी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने संभव को रेलिंग के बाहर लटका देखा। उसकी स्थिति देखकर कर्मचारियों ने उसे समझाना शुरू किया। उन्होंने नीचे नहीं कूदने और वापस अंदर आने के लिए कहा। उस समय वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर ऊपर खींचने की कोशिश की। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संभव को बचाने के लिए चार लोगों ने प्रयास किया। चारों ने उन्हें पकड़ लिया और ऊपर खींचने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान संभव देर तक रेलिंग के बाहर लटके रहे। बचाने वाले लोग लगातार समझाते रहे। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान संभव ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत भी की। 

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सुपरनोवा से इंजीनियर संभव जैन ने की खुदकुशी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अधिक वजन होने के कारण नहीं बचा पाए लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक संभव को बचाने के लिए चार लोगों ने प्रयास किया। उन्होंने उसे पकड़ लिया था और ऊपर खींचने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान संभव काफी देर तक रेलिंग के बाहर लटका रहा। बचाने वाले लोग लगातार उसे हिम्मत देते रहे। उन्होंने उसे समझाया कि वह इस तरह अपनी जान न दे। 

पुलिस के मुताबिक इसी दौरान संभव ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत भी की। उसने बताया कि वह काफी तनाव में है और जीना नहीं चाहता। लोगों ने उसे भरोसा दिलाने और वापस ऊपर खींचने का प्रयास जारी रखा। 

 

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नोएडा सुपरनोवा बिल्डिंग से कूदने से पहले इंजीनियर - फोटो : सोशल मीडिया
कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि उसे सुरक्षित अंदर खींच लिया जाएगा। हालांकि, प्रयास के दौरान उसका वजन अधिक होने के कारण बचाने वालों की पकड़ कमजोर पड़ गई और वह उनके हाथ से फिसल गया। इसके बाद वह नीचे जा गिरा।

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सुपरनोवा में इंजीनियर की गिरकर मौत - फोटो : सोशल मीडिया
नोएडाः मकान मालिक घर में नहीं तो बीएनबी बुकिंग अवैध
नोएडा के सुपरनोवा के एस्पायरा टावर में बीएनबी के तहत ठहरे इंजीनियर की आत्महत्या के बाद नोएडा की हाईराइज सोसाइटियों में बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएनबी) के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सोसायटियों में बिना मालिक की मौजूदगी के एप के जरिये फ्लैट बुक कराकर मेहमानों को ठहराने की गतिविधियों का विरोध तेज हो गया है। वहीं, कुछ लोग संपत्ति मालिक इसे प्रदेश सरकार की होम स्टे नीति-2025 के तहत वैध गतिविधि बता रहे हैं।

 

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सुपरनोवा में इंजीनियर की गिरकर मौत - फोटो : सोशल मीडिया
हालांकि, नोएडा प्राधिकरण का रुख इस मामले में स्पष्ट है। प्राधिकरण के मुताबिक, होम स्टे नीति के तहत बीएनबी संचालित करने के लिए फ्लैट मालिक का परिसर में मौजूद रहना जरूरी है। यदि मालिक फ्लैट में मौजूद नहीं है और पूरा फ्लैट एप के जरिये बुक कराकर व्यावसायिक तरीके से चलाया जा रहा है तो इसे आवासीय उपयोग के बजाय वाणिज्यिक गतिविधि माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में शिकायत मिलने पर प्राधिकरण कार्रवाई करते हुए फ्लैट को सील भी करा सकता है।

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सुपरनोवा में किरायेदारों के लिए सख्त नियम - फोटो : अमर उजाला
गोल्डन पॉम के मामले में तय हुआ था नियम
प्राधिकरण ने बीएनबी को लेकर यह निर्णय सेक्टर-142 स्थित गोल्डन पॉम सोसायटी के मामले के संदर्भ में लिया था। अधिकारियों के अनुसार, फ्लैट की बुकिंग किसी एप के माध्यम से सीधे बाहरी व्यक्ति को कर देना और उस दौरान फ्लैट मालिक का वहां मौजूद नहीं होना बीएनबी के निर्धारित स्वरूप से अलग गतिविधि है। 

 

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सुपरनोवा बिल्डिंग - फोटो : अमर उजाला
दो-तिहाई हिस्से में ही होम स्टे
होम स्टे के लिए संपत्ति के इस्तेमाल को लेकर भी सीमा तय है। फ्लैट या मकान के अधिकतम दो-तिहाई हिस्से को ही बीएनबी के तहत दिया जा सकता है। यानी पूरी संपत्ति को नियमित रूप से किराये या होटल की तरह संचालित करना होम स्टे के प्रावधानों के अनुरूप नहीं माना जाएगा।

 

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संभव जैन और सुपरनोवा बिल्डिंग - फोटो : अमर उजाला
स्टूडियो अपार्टमेंट सबसे ज्यादा निशाने पर
नोएडा प्राधिकरण में पिछले दिनों कई सोसायटियों में एप आधारित बीएनबी बुकिंग की शिकायतें पहुंची हैं। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें स्टूडियो अपार्टमेंट को लेकर सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में इन फ्लैटों को मालिक की गैरमौजूदगी में अल्प अवधि के लिए बुक कराया जाता है और अलग-अलग लोगों को ठहराया जाता है। इससे सोसायटी की सुरक्षा और आवासीय माहौल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।


 
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43वीं मंजिल से कूदा संभव जैन - फोटो : अमर उजाला
सुपरनोवा पर सीधी कार्रवाई आसान नहीं
सुपरनोवा फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित एम्पावर्ड कमेटी की निगरानी में है। नोएडा प्राधिकरण की भूमिका और कार्रवाई को लेकर स्थिति सामान्य सोसायटियों से अलग है। प्राधिकरण के अधिकारी भी इस मामले में सीधे तौर पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। एस्पायरा टावर की अभी ओसी भी जारी नहीं हुआ है ना ही रजिस्ट्री कराई गई है। ऐसे में लीज डीड की शर्तें सीधे फ्लैट मालिक पर लागू पर प्रभावी कर पाना प्राधिकरण के लिए सरल नहीं है।  

प्राधिकरण भवन नियमावली व लीज डीड की शर्तों का पालन करवाता है। बीएनबी संचालन के लिए भी होम स्टे नीति बनी हुई है, जिसमें भी कई शर्ते हैं। नियम व लीज डीड के उल्लंघन की शिकायत पर जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।- क्रांति शेखर सिंह, ओएसडी, नोएडा प्राधिकरण।

 
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