नोएडा में पांच मंजिला भवन में चार्जिंग के दौरान ई-स्कूटी की बैटरी में धमाके से भीषण आग लग गई। आग में दो लोग जिंदा जल गए। 100 से अधिक लोगों को बचा लिया गया। भीषण अग्निकांड के बाद पीजी संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
नोएडा के सेक्टर-66 स्थित ममूरा गांव में पेइंग गेस्ट (पीजी) की पांच मंजिला इमारत में चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी धमाके के साथ फट गई। इससे इमारत में लगी आग में एक युवती समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। आग ने कुछ ही मिनटों में भूतल पर खड़े 18 से अधिक दोपहिया वाहनों को चपेट में ले लिया। दमकल की सात गाड़ियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचा लिया। मृत युवती की पहचान बिहार की स्नेहा श्रीवास्तव (22) के रूप में हुई है। वहीं, मृत युवक मध्यप्रदेश निवासी ऋषभ (26) है।
शुरुआती जांच में बिल्डिंग में आग से बचाव का कोई इंतजाम नहीं मिला। पुलिस ने केस दर्ज कर भवन मालिक और पीजी संचालक दिल्ली निवासी कृष्णा कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, ममूरा में एनसीआर पीजी एंड फ्लैट नाम की इमारत के दो हिस्सों में पीजी और एक हिस्से में किराये के लिए कमरे बने हैं।
विज्ञापन
2 of 16
नोएडा के पीजी में लगी आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूरी इमारत में करीब 50 परिवारों समेत 250 से अधिक लोग रहते हैं। आग बुधवार सुबह 11:30 बजे भूतल पर चार्जिंग के दौरान लगी। इससे धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंचा और कई लोग कमरों व बालकनी में फंस गए। जान बचाने के लिए लोग कमरों से बाहर भागे।
विज्ञापन
3 of 16
नोएडा के पीजी में लगी आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कई लोग छत पर पहुंच गए, कुछ ने घबराकर नीचे छलांग लगा दी। अग्निशमन विभाग और पुलिस ने फंसे लोगों को बाहर निकाला। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि आग के कारणों और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की जांच की जा रही है।
4 of 16
नोएडा के पीजी में लगी आग, मौके पर जमा भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जान बचाने के लिए कई लोग सीढ़ी लगाकर दूसरी इमारतों पर पहुंचे
जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह सघन इलाका है। गलियां संकरी हैं। इसके चलते दमकल विभाग को राहत कार्य में दिक्कतें आईं। दमकल कर्मियों ने लंबी पाइप लाइन बिछाकर पानी डाला, तब आग पर काबू पाया जा सका। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म व सीढ़ियों की मदद से फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
विज्ञापन
5 of 16
नोएडा के पीजी में लगी आग में जले वाहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आग के दौरान जान बचाने के लिए कुछ लोग बगल की इमारतों पर कूद गए। स्थानीय लोगों ने छत से छत तक सीढ़ी लगाकर लोगों को दूसरी इमारत में पहुंचाया। धुएं के कारण छह अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ी, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
विज्ञापन
6 of 16
नोएडा के पीजी में लगी आग में जले वाहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छह मिनट में भूतल से पांचवीं मंजिल तक पहुंची आग, बिल्डिंग में मची चीख-पुकार
नोएडा पीजी में हादसा : जान बचाने के लिए कई छत से कूदे, हाइड्रोलिक सीढ़ियों से भी कई को उतारा
मामूरा के गली नंबर-2 स्थित एनसीआर पीजी एंड फ्लैट में बुधवार को लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर लगी आग और उससे निकला घना धुआं करीब छह मिनट के भीतर भूतल से पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया।
विज्ञापन
7 of 16
नोएडा के पीजी में लगी आग में जले वाहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आग और धुआं फैलते ही इमारत में चीख-पुकार मच गई। जान बचाने के लिए लोग कमरों से बाहर भागे। कई लोग छत पर पहुंच गए जबकि कुछ ने घबराकर नीचे छलांग लगा दी।
8 of 16
मृतक ऋषभ की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दमकल कर्मियों और पुलिस ने सीढ़ियां लगाकर बड़ी संख्या में लोगों को पड़ोसी इमारत के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला। करीब 80 से अधिक कमरों वाले इस पीजी में बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा युवक-युवतियां और परिवार रहते थे।
धमाके से नींद खुली, कुछ मिनट में पूरा भवन धुएं से भर गया
इमारत में रहने वाले सुशांत दुबे सेक्टर-67 स्थित निजी कंपनी में कॉलिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह अपने कमरे में सो रहे थे। धमाके की आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई। बाहर निकलकर देखा तो ग्राउंड फ्लोर से आग की लपटें उठ रही थीं और तेजी से धुआं ऊपर की ओर फैल रहा था।
10 of 16
नोएडा के पीजी में आग लगने के बाद सीढ़ी से दूसरी मंजिल पर पहुंचे लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सांस लेना मुश्किल हो गया
कुछ ही मिनटों में सांस लेना मुश्किल हो गया। उन्होंने किसी तरह सीढ़ियों तक पहुंचकर अपनी जान बचाई। सुशांत ने कहा कि यदि लोग कुछ मिनट और कमरे में रहते तो बाहर निकलना संभव नहीं होता। आग तेजी से फैलती गई और पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया। लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
11 of 16
नोएडा के पीजी में आग लगने के बाद सीढ़ी से दूसरी मंजिल पर पहुंचे लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो घंटे तक चला बचाव अभियान
अग्निशमन विभाग व पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर बिल्डिंग में फंसे लोगों को बाहर निकाला। कई लोगों को खिड़कियों व बालकनियों तक सीढ़ियां लगाकर निकाला गया। पड़ोसी इमारत की छत का सहारा लेकर भी कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया। आग पर काबू पाने के बाद ही लोग कमरों तक पहुंच सके, लेकिन तब तक अधिकांश सामान जल चुका था। अग्निशमन विभाग की टीम ने बचाव अभियान के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया।
12 of 16
नोएडा के पीजी में लगी आग, काबू पाते हुए दमकलकर्मी
- फोटो : पीटीआई
सामान, वाहन और जरूरी दस्तावेज सब हो गए राख
आग ने सिर्फ लोगों की जान ही नहीं ली, बल्कि कई परिवारों और युवाओं की वर्षों की जमा-पूंजी भी छीन ली। ग्राउंड फ्लोर पर खड़े 18 से अधिक दोपहिया वाहन पूरी तरह जल गए। कई कमरों में रखा घरेलू सामान, मोबाइल, लैपटॉप, कपड़े, नकदी और अन्य कीमती सामान जल गए।
13 of 16
नोएडा के पीजी में लगी आग, जले वाहन
- फोटो : पीटीआई
कई छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बैंक दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण कागजात भी जलगए। पीडितों का कहना है कि अब उन्हें दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ेगा।
14 of 16
नोएडा के पीजी में लगी आग, झुलसे लोगों को बचाकर अस्पताल में लेकर जाते कर्मी
- फोटो : पीटीआई
संकरी गलियां, दमकल समय से नहीं पहुंचती तो हादसा और बड़ा हो सकता था
जहां आग लगी वहां संकरी गलियां हैं। आसपास की सभी बिल्डिंग लगभग इसी तरह की है। हादसे में दो लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने कहा कि दमकल और पुलिस की टीम समय से नहीं पहुंचती तो हादसा और बड़ा हो सकता था। घटना ने एक बार फिर बहुमंजिला पीजी भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
15 of 16
नोएडा के पीजी में लगी आग, मौके पर लगी भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भयावह मंजर... मेरे सामने लोग फंसे थे, और चली गई दो जान
इसी इमारत में रहने वाले दानिश ने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। चारों ओर धुआं भर गया और लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे। उन्होंने बताया कि उनके सामने ही कई लोग कमरों में फंस गए थे। वह खुद भी बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे थे।
नोएडा के पीजी में लगी आग, मौके पर दमकल की गाड़ी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिस युवती स्नेहा की मौत हुई वह उनके सामने वाले कमरे में रहती थी। उन्होंने कहा कि अगर बचाव में थोड़ी और देर हो जाती तो कई और लोगों की जान जा सकती थी। वहीं एक अन्य एक युवक ऋषभ की भी हादसे में मौत हो गई।