एक मई 2014 को आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन शर्मा ने एक विक्षिप्त व्यक्ति की हत्या कर खुद की मौत का स्वांग रचा और प्रेमिका संग फरार हो गया था। पायल ने भी अजय के साथ मिलकर चंद्रमोहन की तर्ज ही हत्या कर खुद के मौत का स्वांग रचा, लेकिन पायल और अजय चंद्रमोहन से भी आगे बढ़कर माता-पिता की मौत के केस में नामजद आरोपियों की हत्या को अंजाम देने की फिराक में थे। ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 निवासी विवाहित चंद्रमोहन शर्मा ने अपनी प्रेमिका के साथ रहने के लिए हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। चंद्रमोहन ने अपने कपड़े पहनाकर विक्षिप्त की हत्या की थी और अपनी कार में भी आग लगा दी थी। इसके बाद वह प्रेमिका संग फरार हो गया था।
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पायल का घर
- फोटो : अमर उजाला
गहन जांच के बाद पुलिस ने चंद्रमोहन को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। चंद्रमोहन को इस मामले में जिला न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। चंद्रमोहन की प्रेमिका प्रीति को भी छह माह की सजा सुनाई गई थी। हालांकि उसके साले को दोष मुक्त किया था। लेकिन बाद चंद्रमोहन को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
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मुक्ति धाम में जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खुलासे को लेकर जमकर हुए हंगामे-प्रदर्शन
चंद्रमोहन की पत्नी सविता शर्मा ने पांच लोगों के खिलाफ पति की हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे पहले चंद्रमोहन को भूमि विवाद को लेकर धमकी देने की भी शिकायत पुलिस को दी गई थी।
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हेमा चौधरी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
चंद्रमोहन के मौत का स्वांग रचकर लापता होने के बाद हत्या के खुलासे की मांग को लेकर जमकर हंगामे व प्रदर्शन हुए थे। राजनीतिक गोटियां भी सेकी गईं थीं।
घटना के तीन माह बाद 27 अगस्त 2014 को बीटा-2 थाना प्रभारी समरजीत सिंह की टीम ने मामले का सनसनीखेज खुलासा किया था। पुलिस टीम ने चंद्रमोहन को कर्नाटक के कोलार से उसकी प्रेमिका प्रीति के साथ पकड़कर ग्रेटर नोएडा ले आई।