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कोरोना में घरेलू नुस्खों की अति कर सकती है बीमार, मल्टी विटामिन का भी ध्यान से करें प्रयोग

Thu, 22 Apr 2021 09:19 AM IST
पूजा त्रिपाठी नेहा शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

इम्युनिटी मजबूत करने के लिए लोग दिनों रात-दिन तुलसी और काली मिर्च की चाय और काढ़े का सेवन कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलन से ज्यादा इसके इस्तेमाल से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।
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फाइल फोटो - फोटो : Social Media
इम्युनिटी मजबूत करने के लिए लोग दिनों रात-दिन तुलसी और काली मिर्च की चाय और काढ़े का सेवन कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलन से ज्यादा इसके इस्तेमाल से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। जिला अस्पताल के आयुष चिकित्सक डॉ. प्रमोद कश्यप ने बताया कि आयुर्वेदिक नुस्खों को बनाने के दौरान अधिक मसालों का प्रयोग किया जाए तो दिक्कत हो सकती है।
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काली मिर्च, अदरक, हल्दी, लौंग, अजवाइन, तुलसी पत्ती, काढ़ा आदि को संतुलित मात्रा में लिया जाए तो अच्छा असर होता है और इम्युनिटी बढ़ती है, लेकिन अधिक मात्रा में प्रयोग किया जाए तो शरीर के लिए घातक हो सकती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दिन में एक या दो बार ही काढ़ा पीना चाहिए। काढ़ा बनाने के दौरान चीजों का संतुलित मात्रा में प्रयोग करें। साथ ही, इसकी थोड़ी शक्कर, गुड़ या फिर शहद मिला लें। वहीं, कोलंबिया एशिया अस्पताल की इंटरनल मेडिसिन की चिकित्सक डॉ. मंजीता नाथ दास ने बताया कि ज्यादा गर्म पानी पीने से किडनी पर दुष्प्रभाव पड़ता है और शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ जाता है। साथ ही, ज्यादा गर्म पानी शरीर में खून की मात्रा को भी प्रभावित करता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ध्यान से करें मल्टी विटामिन का प्रयोग
मल्टी विटामिन की जरूरत तब होती है, जब शरीर कमजोर हो। आप कितना भी मल्टी विटामिन खा लें, मगर शरीर में केवल उतना ही लगेगा जितनी उसकी जरूरत होती है। जरूरत से ज्यादा मल्टी विटामिन दिल, दिमाग और किडनी के लिए अच्छा नहीं होता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इसका रखें ध्यान-
- काली मिर्च, दालचीनी, गिलोय के अधिक सेवन से पेट में जलन, दर्द और एसिडिटी की परेशानी हो सकती है।
- अधिक मात्रा में गिलोय का सेवन शुगर लेवल को कम कर सकता है।
- अत्यधिक काढ़ा पीने से लीवर को नुकसान पहुंच सकता है।
- अधिक मात्रा में काढ़ा पीने से नाक से खून आना, मुंह में छाले, खट्टी डकार आना और यूरिन में परेशानी हो सकती है।
- जिन लोगों को पहले से बीमारी है या फिर जो लोग खून पतला करने की दवाई ले रहे हैं, अगर वो लोग ज्यादा काढ़ा पी लेें तो इंटरनल ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है।
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