प्रदर्शन करते किसान
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भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) व प्राधिकरण के बीच हुई करीब 2 घंटे की बातचीत के बाद किसानों की मांग पर प्राधिकरण सहमत हुआ। अब किसानों की आबादी नहीं तोड़ी जाएगी। प्राधिकरण की टीम गांवों का निरीक्षण करेगी और कोई विवाद होने पर किसानों से बातचीत की जाएगी। प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को किसानों व प्राधिकरण के बीच बैठक होगी। किसानों की जितनी भी मांगें हैं, उस आधार पर प्राधिकरण और प्रशासन की टीम जांच कर उसकी रिपोर्ट देगी। इसके बाद कार्रवाई होगी। किसानों का ठोस आश्वासन मिला, तब जाकर धरना समाप्त किया गया।