घरों में काम करने वाली मेड से रेप की कोशिश और फिर उसकी हत्या के मामले में कोली ने 55 दिनों तक कोर्ट को अपनी बहस से उलझाया। कभी उसने हिंदी में दस्तावेजों की मांग की तो कभी अपने वकील को हटाने के लिए कोर्ट में अर्जी लगा दी।
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nithari case
- फोटो : अमर उजाला
अभियोजन ने भी कोली के हर पैंतरे का जवाब दिया। नतीजा यह रहा कि कोली का एक भी पैंतरा काम नहीं आया और कोर्ट ने उसे फिर एक बार निठारी कांड में दोषी करार ठहरा दिया। निठारी की खूनी कोठी संख्या डी-5 के नौकर सुरेंद्र कोली के साथ ही सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने कोठी मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर को भी दोषी करार दिया है।
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nithari case
- फोटो : अमर उजाला
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि कोली ने अदालत को उलझाने की बहुत कोशिश की। उसने कई बार वकील बदलने की बात कहीं, तो कभी उसने केस के दस्तावेज अंग्रेजी में होने पर आपत्ति जताते हुए हिंदी में दस्तावेज मांगे। कोली ने पुलिस, वकील, जज व अन्य अधिकारियों की कार्यवाही पर भी सवाल उठाए।
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nithari case
- फोटो : राजन राय/अमर उजाला
जेपी शर्मा ने बताया कि मूलरूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक युवती (20) निवासी निठारी गांव में परिवार के साथ किराए पर रहती थी। वह घरों में मेड का काम करती थी। घटना वाले दिन पांच दिसंबर 2006 को युवती डी-91 कोठी में काम करने के बाद धारावाहिक कुमकुम देखकर अपने घर के लिए निकली थी। इसी बीच वह रास्ते से गायब हो गई। (फोटो में पीड़ितों के मां-बाप)
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पंधेर की कोठी
- फोटो : राजन राय/अमर उजाला
परिजनों ने निठारी चौकी में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद कोली को 29 दिसंबर 2006 को सिविल पुलिस नोएडा द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उसने महिलाओं और बच्चों की हत्या करना कबूल किया था। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने खूनी कोठी से कई महिलाओं और बच्चों के अवशेष, कपडे़, चप्पल आदि बरामद किए थे।
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surendra koli
देश भर में मची थी हलचल : निठारी कांड के खुलते ही देश भर में हलचल मच गई थी। यह एक ऐसा कांड था, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा की मांग देश केकोने-कोने से उठी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई ने शुरू की। 11 जनवरी 2007 को सीबीआई ने पूरा केस अपने हाथ में ले लिया। 28 फरवरी और 01 मार्च 2007 को सुरेंद्र कोली ने दिल्ली में एसीएमएम के यहां अपने इकबालिया बयान दर्ज कराए थे। इन बयानों की वीडियोग्राफी भी हुई थी।
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सुरेंद्र कोली के घर के पीछे वाले नाले की तलाशी करते लोग
पंधेर की कोठी से बरामद हुई थी 16 खोपड़ियां नोएडा सेक्टर-20 थाने की पुलिस ने कोली की निशानदेही पर मोनिंदर पंधेर की कोठी से महिलाओं और बच्चों की 16 छोटी-बड़ी खोपड़ियां बरामद हुई थी। कोली पुलिस को कोठी के पीछे हिस्से में बनी गैलरी से महिलाओं और बच्चें के कपड़े, जूते-चप्पल और अन्य सामान बरामद किए थे। इसी दौरान युवती के परिजनों ने उसके कपड़े पहचान लिए थे, जिसके बाद पुलिस ने उसी आधार पर सुरेंद्र कोली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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सुरेंद्र कोली को सातवें मामले में मिली फांसी
- फोटो : अमर उजाला
डीएनए मिलान से हुई थी युवती की शिनाख्त: कोली की निशानदेही पर बरामद में हुए अवशेषों को सेक्टर-20 थाने की पुलिस पोस्टमार्टम के लिए भेज रही थी, लेकिन इस बीच में ही यह मुकदमा सीबीआई के पास पहुंच गया था। इसके बाद सीबीआई की टीम ने 11 जनवरी को अवशेषों को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए एम्स भेज दिए थे। सीबीआई ने युवती के परिजनों का ब्लड सैंपल भी जांच के लिए एम्स भेजा था। जहां से बाद में खोपड़ियों का डीएनए मिलान के लिए सीडीएफडी हैदराबाद को भेज दिया था। विशेषज्ञों ने एक खोपड़ी का डीएनए युवती के परिजनों से मैच हो गया और उन्होंने उसकी एक रिपोर्ट एम्स को भेज दी थी। जहां उसकी रिपोर्ट सीबीआई के पास पहुंची थी।
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surendra koli
सीबीआई के 46, कोली के तीन गवाहों के दर्ज हुए बयान: सीबीआई के लोक अभियोजक जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र निठारी कांड के इस मामले में अब तक कुल 49 लोगों की दोनों ओर से गवाही हो चुकी है। इनमें 46 गवाह सीबीआई ने पेश किए थे, जबकि तीन डिफेंस की ओर से तीन गवाहों ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए।
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निठारी केस में कोली की शिकार हुई एक बच्ची के परिजन
धारा 319 में पंधेर बना था आरोपी विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि सीबीआई के पास पंधेर के खिलाफ साक्ष्य नहीं था, जिसके चलते उसे अभियुक्त नहीं बनाया गया था। इस चार्जशीट में भी सीबीआई ने सिर्फ सुरेंद्र कोली को ही आरोपी बनाया था। कोर्ट में केस सुनवाई के दौरान सीआरपीसी की धारा-319 के तहत मोनिंदर सिंह पंधेर को भी इसमें शामिल किया गया और उसे सह अभियुक्त बनाया गया।
फैसला सुनते ही पंधेर की आंखों में आए आंसू सीबीआई की विशेष अदालत ने जैसे ही सुरेंद्र कोली और मोनिंदर पंधेर के खिलाफ फैसला सुनाया तो मोनिंदर पंधेर की आंखों में कोर्ट में ही आंसू झलक आए वहीं कोली के चेहरे पर भी मायूसी छा गई।
कोली और पंधेर को सीबीआई द्वारा दोषी माने जाने के बाद अन्य मामलों के परिजनों ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि अन्य मामलों में भी लोग सजा का इंतजार कर रहे हैं। -खालिद खान, वकील