नोएडा के निठारी गांव की रहने वाली 10 वर्षीय बच्ची अपने माता-पिता के साथ रहती थी। उसके पिता निठारी में ही कपड़ों पर प्रेस करने का काम करते थे। बच्ची भी पिता की इस काम में मदद करती थी।
21 जून 2005 को बच्ची सुबह घर से कहकर निकली थी कि वह अपनी चुन्नी पर पीको कराकर आ रही है, जिसके बाद से वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने शाम को देखा कि बेटी गायब है। इसके बाद उसके पिता ने गांव में ही लाउड स्पीकर से घोषणा कर उसे तलाशा, लेकिन वह नहीं मिली तो उन्होंने 23 जून 2005 को नोएडा सेक्टर-20 थाने में दी तहरीर में बताया उसकी बेटी गायब है।
इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए जांच शुरू की। निठारी की डी-5 कोठी में खुदाई के दौरान बच्ची के कपड़े, चप्पल और अन्य सामान बरामद हुआ। कंकाल के डीएनए का मिलान उसके परिजनों से हुआ।
सीबीआई ने 11 जनवरी 2007 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। नौ अप्रैल 2008 को सीबीआई ने चार्जशीट पेश की। मुकदमे में कुल 284 तारीखें लगी, जिसके बाद अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 38 गवाह पेश किए गए जबकि बचाव पक्ष की तरफ से केवल दस्तावेज दिए गए।
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