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निर्भया ने मौत से पहले मां को कही थी ये बात, जो कहा वो आंसू लाने के लिए काफी

Mon, 20 Jan 2020 05:36 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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निर्भया केस - फोटो : अमर उजाला
देश ही नहीं पूरी दुनिया को दहला देने वाली 16 दिसंबर 2012 की निर्भया सामूहिक दुष्कर्म की घटना के दोषियों को 1 फरवरी 2020 को फांसी होगी। निर्भया के चारों दोषी मुकेश, विनय, पवन और अक्षय इन दिनों हाईसिक्योरिटी सेल में बंद हैं। एक ओर जहां मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति से खारिज होने के बाद उसके सभी कानूनी विकल्प लगभग खत्म हो गए हैं। वहीं पवन, अक्षय और विनय ने अब तक दया याचिका नहीं डाली है।
 

बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह ने निर्भया की मां से दोषियों को माफी देने की बात कही थी, जिसपर आशा देवी ने कहा था कि भगवान भी कहे तो भी माफ नहीं करूंगी। उनकी इस भावना के पीछे जरूर ही उनकी बेटी की वो चीखें होंगी जिसमें सिर्फ और सिर्फ एक ही बात थी कि दरिंदों को सजा दिलाना। 16 दिसंबर से 29 दिसंबर 2012 के बीच जब पूरा देश निर्भया की सलामती की दुआएं कर रहा था, तब उसके मन में भी उधेड़बुन जारी थी। मौत की नींद में सोने से पहले उसने अपनी मां को कई बातें बताईं थीं। ये बाते बाद में मीडिया रिपोर्ट में सामने आईं। जानिए आखिरी पलों में वह मां से क्या कह गई....
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निर्भया की मां - फोटो : ANI
सामूहिक बलात्कार पीड़िता निर्भया ने हालत बिगड़ने के बाद अपने जीवन की अंतिम लड़ाई में बहुत दृढ़ संकल्प दिखाया था। डॉक्टरों ने बताया था कि अगले तीन दिन निर्भया के लिए काफी अहम हैं। इसी दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने पीड़िता और उसके रिश्तेदारों से मिलने के लिए सफदरजंग अस्पताल का दौरा किया था। बाहर आने के बाद उन्होंने बताया था कि निर्भया के आंत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके लिए एक और सर्जरी करनी पड़ेगी। उसके बाद उसे आपरेशन थियेटर से बाहर लाया जाएगा। उन्होंने कहा था कि पीड़िता का विशेष उपचार चल रहा है।

तीरथ ने कहा था कि उनका मंत्रालय आर्थिक रूप से लड़की और उसके परिवार का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनका मंत्रालय मामले का अवलोकन करेगा और दो महीने के भीतर मामले की सुनवाई खत्म हो जानी चाहिए। क्योंकि पीड़िता के परिवार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की थी।
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- फोटो : अमर उजाला
लड़की की स्थिति के बारे में आगे बात करते हुए तीरथ ने कहा था कि वह संकेत और लिखित शब्दों के माध्यम से डॉक्टरों और रिश्तेदारों से बात कर रही थी। उन्होंने कहा था कि निर्भया ने उन्हें पीठ दर्द और अन्य समस्याओं के बारे में बताने में सक्षम थी। मंत्री ने कहा था कि लड़की के परिवार ने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है और आरोपियों को मौत तक फांसी देने की मांग की है। जब वह अपने पिता से मिली तो वह टूट गई।

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- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले दिन अपनी मां को एक लिखित संचार में निर्भया ने कहा था- मां, मैं जीना चाहती हूं। उस दौरान कई राजनेता सफदरजंग अस्पताल में निर्भया से मिलने गए थे, जहां उसे रविवार रात चलती बस में क्रूर हमले के बाद भर्ती कराया गया था। भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता भी उनमें से एक थे। उन्होंने याद करते हुए बताया था कि लड़की ने अपनी मां को क्या बताया था।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा था कि लड़की बुरी स्थिति में है। उसके पिता ने डॉक्टरों के हवाले से बताया था कि छोटी आंत जो 20 फीट लंबी है, पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है और उसके पिता कहते हैं कि अगर इसे हटा दिया गया तो उसके जिंदा रहने का क्या मतलब है। उसकी मां समेत पूरा परिवार सदमे की स्थिति में हैं। उस वक्त जो लोग अस्पताल में मौजूद थे उन्होंने बताया कि निर्भया ने अपने संकेत के जरिए कहा था- मां मैं जीना चाहती हूं। यह वही बात है जो मैंने भी वहां सुना था। अमानवीय तरीके से लड़की के साथ व्यवहार किया गया है। दिल्ली और देश के लिए इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता।
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निर्भया के लिए इंसाफ की मांग करते लोग - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी बलात्कार पीड़िता से मिलने अस्पताल गई थीं। उन्होंने पीड़िता की मां को गले लगाया था और सरकार से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया था। इससे पहले सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा था कि लड़की की हालत अभी भी गंभीर है और बिगड़ती जा रही है। कुछ शुरुआती सुधार के संकेत दिखने के बाद उसे मंगलवार को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। वह मामले को करीब से देख रहे हैं।
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निर्भया के दोषी - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों के मुताबिक, लड़की की बुरी तरह पिटाई के कारण उसकी छोटी आंत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। बेहोशी की हालत में चलती बस से फेंकने के बाद उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं थीं। डॉक्टरों ने यह भी आशंका जताई थी कि उसके शरीर पर गंभीर चोटों  के कारण मवाद बनने शुरू हो गए हैं। जो रिकवरी में खतरा पैदा कर सकते हैं।
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- फोटो : Social Media
वहीं देशभर में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे। वे उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी कर रहे थे। जल्द ठीक होने और न्याय की मांग के लिए कई जगहों पर  कैंडल लाइट मार्च का आयोजन किया गया था।
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