फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तिहाड़ नहीं ढूंढ पाया जल्लाद तो ऐसे होगी निर्भया के दोषियों को फांसी, अफजल गुरु के साथ भी यही हुआ

Tue, 10 Dec 2019 01:34 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : सोशल मीडिया
निर्भया के दोषियों की फांसी को लेकर हलचल इन दिनों तेज हो गई है। एक ओर जहां सोमवार को निर्भया के एक दोषी पवन को मंडोली जेल से तिहाड़ जेल शिफ्ट किया गया। वहीं राष्ट्रपति ने जब से निर्भया के एक दोषी की दया याचिका खारिज की है, तब से ही तिहाड़ प्रशासन जल्लाद की खोज में लग गया है। इसी बीच एक बात और भी सामने आ रही है कि अगर तिहाड़ प्रशासन को जल्लाद नहीं मिलता है तो भी निर्भया के दोषियों को तय समय पर ही फांसी होगी। इस खबर में जानिए कि बिना जल्लाद के कैसे होगी फांसी...
विज्ञापन

2 of 5
- फोटो : अमर उजाला
देश की अन्य जेलों के चक्कर काट रहे तिहाड़ के अधिकारी
 निर्भया से दुष्कर्म और हत्या के जुर्म में मौत की सजा पाए तिहाड़ में बंद दोषियों को फांसी के लिए अधिकारियों को जल्लाद नहीं मिल रहा है। सूत्रों ने बताया कि इसलिए अधिकारी जल्लाद की तलाश में देश की अन्य जेलों के चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 5
2013 में अफजल गुरु को जैसे हुई थी फांसी, वैसे हो सकती है निर्भया के दोषियों को फांसी
उल्लेखनीय है कि दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल देश की सबसे बड़ी जेल है, जिसमें कई हाई प्रोफाइल अपराधी रह चुके हैं। यहां अंतिम बार फरवरी 2013 में अफजल गुरू को फांसी दी गई थी। दरअसल जल्लाद नहीं मलने पर 2001 के संसद हमले मामले में अफजल को तिहाड़ जेलकर्मी ने ही फांसी दी थी।

4 of 5
एक ही दिन होगी चारों दोषियों को फांसी
माना जा रहा है कि एक ही दिन चारों दोषियों को फांसी देने के लिए जेल प्रशासन ने यह कदम उठाया है। हालांकि, जेल प्रशासन समय-समय पर दोषियों की काउंसिलिंग कर रही है ताकि वह कोई गलत कदम न उठा सके। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
nirbhaya case
क्या है पूरा मामला
16 दिसंबर 2012 की रात को दिल्ली में बस सवार छह दरिंदों ने पैरामेडिकल की छात्रा निर्भया के साथ चलती बस में गैंगरेप किया था जिसके बाद इलाज के दौरान करीब 15 दिन बदा उसकी सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। निर्भया के छह दोषियों में से एक नाबालिग था, जो बाद में अपनी सजा काट कर रिहा हो गया और अब गुमनामी की जिंदगी जी रहा है। वहीं एक दोषी ने तिहाड़ में ही फांसी लगा ली थी और अब बाकी बचे चार दोषियों की फांसी का सभी को इंतजार है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें