महिला कार्यकर्ता और गैर सरकारी संगठन पीपल अगेंस्ट रेप्स इन इंडिया (परी) की संस्थापक योगिता भयाना ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) को पत्र लिखकर मांग की है कि 20 मार्च, 2020 को निर्भया के दोषियों को फांसी दी जानी है। इसके साथ ही उन्होंने यूएन से यह मांग की है कि दोषियों की फांसी की तारीख को हर साल एक खास दिवस के रूप में मनाया जाए। अगर यूएन इसके राजी होता है हर साल दोषियों की फांसी की तारीख को इस रूप में मनाया जाएगा, इसके साथ ही जानिए कि दोषी मुकेश ने दया याचिका टालने के लिए अब क्या नया पैंतरा चला है...