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निर्भया केस: पहले रुमाल गिरेगा, फिर लिवर खिंचेगा, फांसी के बाद खोले जाते हैं जेल के दरवाजे

Sat, 14 Dec 2019 09:02 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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निर्भया कांड के दोषी - फोटो : अमर उजाला
निर्भया के दोषियों की फांसी की तारीख 18 दिसंबर को तय होगी। शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में निर्भया के माता-पिता की याचिका पर सुनवाई टाल दी गई। अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई होनी है। 
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nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया
कोर्ट ने इस मामले में चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। अक्षय ने इसके खिलाफ याचिका लगाई है। अक्षय ने अपने वकील के जरिये दाखिल याचिका में कहा है कि प्रदूषण के कारण वैसे ही लोगों की जिंदगी कम हो रही है फिर फांसी देने की क्या जरूरत है। कोर्ट मामले के तीन अन्य दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिका बीते साल जुलाई में खारिज कर चुका है।

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निर्भया का दोषी मुकेश सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोषियों के ब्लैट वारंट पर विचार किया जाएगा। निर्भया के माता-पिता ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर दोषियों को जल्द फांसी दिए जाने की मांग की थी। गौरतलब है कि इन दरिंदों ने 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल छात्रा निर्भया से दुष्कर्म कर उसकी नृशंस हत्या कर दी थी।
 

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nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया
पहले रुमाल गिरेगा, फिर लिवर खिंचेगा
फिर जेलर के रुमाल गिराकर इशारा करने पर जल्लाद लिवर खींच देता है। लिवर खींचते ही तख्त खुल जाता है और फंदे पर लटका दोषी नीचे चला जाता है। दो घंटे बाद डाक्टर वहां पहुंचकर उसकी जांच करता है। 
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nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया
धड़कन बंद होने की पुष्टि होने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया जाता है। उसके बाद उसे फंदा से नीचे उतार लिया जाता है। इस दौरान जेल में कोई काम नहीं होता है। फांसी लगने के बाद ही जेल के दरवाजे को खोला जाता है। 
 
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