फांसी की तारीख को लेकर चल संशय के बीच निर्भया मामले में मौत की सजा पाए चारों गुनहगारों को जेल संख्या में तीन में शिफ्ट कर दिया गया। तिहाड़ जेल के सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को मुकेश कुमार, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह और पवन गुप्ता को जेल जेल नंबर तीन में ले जाया गया। यहीं पर चारों को फांसी दी जानी है। अब तक विनय जेल नंबर चार और बाकी तीनों जेल संख्या दो बंद थे।
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निर्भया
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि निर्भया के चारों दोषियों को बृहस्पतिवार को फांसीघर से चंद कदम दूर स्थित हाई सिक्योरिटी सेल में भेज दिया गया। अब दोषियों का नया ठिकाना जेल नंबर तीन हो गया है। अब तक वह अलग-अलग जेल के कसूरी वार्ड में बंद थे। जेल सूत्रों का कहना है कि जेल नंबर तीन में भेजे जाने के दौरान दोषियों के चेहरे पर तनाव की लकीरें साफ नजर आ रही थी। हाई सिक्योरिटी सेल में उन पर सीसीटीवी कैमरे से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।
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nirbhaya case
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जेल अधिकारियों ने बताया कि दोषी विनय जेल नंबर चार, जबकि अक्षय, पवन और मुकेश जेल नंबर दो में बंद थे। अदालत से फांसी का फरमान जारी होने के बाद दोषियों को जेल नंबर तीन के हाई सिक्योरिटी सेल में भेज दिया जाता है। जेल नंबर तीन में ही फांसीघर है। दोषियों को यहां लाने से पहले हाई सिक्योरिटी सेल में मरम्मत और सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम चल रहा था।
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फाइल फोटोपी चिदंबरम से मिलने के लिए कांग्रेस नेता तिहाड़ पहुंचे थे
- फोटो : PTI
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार दोपहर दो गाड़ियों में कड़ी सुरक्षा के बीच चारों दोषियों को जेल संख्या तीन में शिफ्ट किया गया। चारों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। इनकी निगरानी के लिए तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के दो-दो जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों को दोषियों के पास छह घंटे से ज्यादा रहने की इजाजत नहीं है। इन्हें जिस सेल में रखा गया है उसमें सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसकी निगरानी के लिए कर्मचारी को तैनात किया गया है।
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nirbhaya case
- फोटो : सोशल मीडिया
निर्भया के पिता ने कहा फांसी से बच नहीं सकते दोषी
चाहे कितनी भी कानूनी तरकीबें लगा लें लेकिन दोषी फांसी सजा से नहीं बच सकते। यह बात बृहस्पतिवार को निर्भया के पिता ने कही। यह बयान बृहस्पतिवार को दोषियों की फांसी की तारीख के बारे में अदालत द्वारा जेल प्रशासन से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद आया है। उन्होंने कहा कि दोषियों का डेथ वारंट रद करने के मुद्दे पर अदालत शुक्रवार को सुनवाई करेगी।
निर्भया के पिता ने कहा कि आरोपी व दोषियों के लिये तमाम कानून हैं लेकिन पीड़ित परिवार के लिये कोई कानून नहीं है। इस वजह से ही सारी परेशानी हो रही हैं। तब भी हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और इंसाफ के लिये लड़ते रहेंगे। अब दोषियों की फांसी दूर नहीं है और उन्हें इसके लिये तैयार रहना चाहिये। यह एक दिन होना ही है।