निर्भया मामले के दोषी विनय शर्मा ने जेल में आत्महत्या की कोशिश की है। विनय द्वारा उठाए गए इस कदम से हड़कंप मच गया है। दरअसल, निर्भया कांड के एक दोषी विनय शर्मा ने कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी फुटेज की निगरानी में तिहाड़ जेल में आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि समय रहते उसे बचा लिया गया। दोषी विनय शर्मा के वकील एपी सिंह का दावा है कि बुधवार सुबह उसने इस घटना को अंजाम देने की कोशिश की। लेकिन जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे बचा लिया। जेल महानिदेशक ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है।
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निर्भया के दोषी
- फोटो : अमर उजाला
मौत का फरमान जारी होने क बाद तिहाड़ जेल में बंद निर्भया का दोषी विनय काफी बेचैन है। उसकी नींद उड़ी हुई है और वह अक्सर अपने बैरेक में चहलकदमी करता रहता है। उसकी हालत देख कर जेल अधिकारी लगातार उसकी काउंसलिंग करवा रहे है। जेल अधिकारियों का कहना है कि वो थोड़ा बेचैन है, लेकिन जेल में उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
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विनय शर्मा(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
जेल अधिकारियों के मुताबिक उसे 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। आपको बता दें कि जिस समय विनय जेल नंबर चार के सिंगल कमरे में था, उसी दौरान उनसे आत्महत्या की कोशिश की। वह शौचालय में कपड़े और गमछे का फंदा बनाकर लटक गया, लेकिन फंदे की ऊंचाई पांच से छह फीट होने की वजह से वह लटक नहीं पाया, इस वजह से उसकी जान बच गई।
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विनय शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
वहीं, गुरुवार को निर्भया के चारों दोषियों को फांसीघर से चंद कदम दूर स्थित हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट कर दिया गया है। अब दोषियों का नया ठिकाना जेल नंबर तीन हो गया है। अब तक वह अलग-अलग जेल के कसूरी वार्ड में बंद थे। जेल सूत्रों का कहना है कि जेल नंबर तीन में भेजे जाने के दौरान दोषियों के चेहरे पर तनाव की लकीरें साफ नजर आ रही थी। हाई सिक्योरिटी सेल में उन पर सीसीटीवी कैमरे से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
जेल अधिकारियों ने बताया कि दोषी विनय जेल नंबर चार, जबकि अक्षय, पवन और मुकेश जेल नंबर दो में बंद थे। अदालत से फांसी का फरमान जारी होने के बाद दोषियों को जेल नंबर तीन के हाई सिक्योरिटी सेल में भेज दिया जाता है। जेल नंबर तीन में ही फांसीघर है। दोषियों को यहां लाने से पहले हाई सिक्योरिटी सेल में मरम्मत और सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम चल रहा था।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गुरुवार दोपहर दो गाड़ियों में कड़ी सुरक्षा के बीच चारों दोषियों को जेल संख्या तीन में शिफ्ट किया गया। चारों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। इनकी निगरानी के लिए तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के दो-दो जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों को दोषियों के पास छह घंटे से ज्यादा रहने की इजाजत नहीं है। इन्हें जिस सेल में रखा गया है उसमें सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसकी निगरानी के लिए कर्मचारी को तैनात किया गया है।