मौत का फरमान जारी होने के बाद तिहाड़ जेल नंबर चार में बंद निर्भया केस का एक दोषी विनय बेचैन है। उसकी नींद उड़ी हुई है और वह अक्सर अपने बैरेक में चहलकदमी करता रहता है। उसकी हालत देख कर जेल अधिकारी लगातार उसकी काउंसलिंग करवा रहे है। जेल अधिकारियों का कहना है कि वो थोड़ा बेचैन है, लेकिन जेल में उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
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विनय शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, मंगलवार दोपहर को दोषी विनय से उसके पिता ने मुलाकात की। पिता को सामने देखते ही वह रो पड़ा। यही हाल उसके पिता का भी था। उनकी आंखों से भी आंसू छलक पड़े। विनय के मुंह से अचानक आवाज निकलती है कि पापा एक बार गले तो लगा लो। लेकिन दोनों एक दूसरे को छू भर पाए। आधे घंटे की मुलाकात के दौरान पिता ने विनय को ढांढस बंधाया। वहीं, विनय ने पिता से परिवार के सदस्यों का कुशल क्षेम पूछा।
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nirbhaya case
- फोटो : सोशल मीडिया
यह दोषी विनय की अपने परिवार से अंतिम मुलाकात थी या नहीं, इस बारे में जेल प्रशासन ने खुलासा नहीं किया है। लेकिन आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि 20 जनवरी को निर्भया के चारों गुनहगारों को उनके परिवार से अंतिम बार मिलने का मौका दिया जाएगा।
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nirbhaya case
- फोटो : अमर उजाला
निर्भया के दोषियों की फांसी के लिए पटियाला हाउस कोर्ट ने सात जनवरी को डेथ वारंट जारी किया था। इन दोषियों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी दी जाएगी। मुकेश ने राष्ट्रपति को दया याचिका भी भेजी है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मुकेश व विनय की क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी थी।
निर्भया के दोषियों के लिए फांसी भी छोटी सजा: मालीवाल
निर्भया के दोषियों की फांसी की सजा को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मंगलवार को ट्वीट कर छोटा बताया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी चार दोषियों में से दो की ओर से दायर क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया है। मालीवाल ने लिखा कि निर्भया के कातिलों को ऐसा जघन्य अपराध करते वक्त जरा भी दया नहीं आई और अब वह अपनी मौत की सजा सुनकर डर रहे हैं। ऐसे लोगों के लिये फांसी भी छोटी सजा है। उनकी फांसी के बाद देश में एक संदेश जाएगा जिससे लोगों की मानसिकता बदलेगी