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Nirbhaya: फांसी की तारीख तय होते ही बदला दोषियों के परिजनों का रवैया, इन दो की फैमिली का ज्यादा खराब

Sun, 12 Jan 2020 09:39 AM IST
शाहरुख खान अरुण कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
निर्भया के गुनहगार पवन, मुकेश और विनय के कॉलोनी वासियों को उस पल का बेसब्री से इंतजार है जब गुनहगारों को फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा। दोषियों की फांसी की तारीख मुकर्रर होने के बाद दोषियों के परिवार वालों के रवैये में खासा बदलाव आया है। 
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
दोषी विनय का परिवार रविदास कैंप में जे-105, मुकेश का परिवार जे- 49 और पवन का परिवार ए- 64 में रहता है। लोगों ने बताया कि जब से दोषियों को फांसी देने की तारीख मुकर्रर हुई है, तब से इनके परिवारों का रवैया लोगों के प्रति आक्रामक हो गया है। वर्तमान में कोई भी पड़ोसी इन लोगों से बात नहीं करता। लोगों ने कहा कि दोषी मुकेश और पवन के परिवारों का रवैया सबसे ज्यादा खराब है।
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इसी कॉलोनी में रहते हैं दोषियों के परिवार - फोटो : अमर उजाला
बच्चों की पढ़ाई और नौकरी पर असर
रविदास कैंप में रहने वाले लोगों का कहना है कि दोषियों के घर यहां होने की वजह से उनके बच्चों के स्कूलों और दफ्तरों में चर्चाएं होती हैं। दोषियों के कुकृत्य के कारण बाहरी लोग यहां के बच्चों को भी वैसी ही नजर से देखते हैं। लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द दोषियों की सजा पर अमल हो जाए और रविदास कैंप में रह रहे लोगों को बदनामी के ठप्पे से छुटकारा मिले।

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इस कॉलोनी में रहते हैं दोषियों के परिवार - फोटो : अमर उजाला
1992 से रविदास कैंप में आया था मुकेश का परिवार
दोषी मुकेश का परिवार इस झुग्गी बस्ती में 1992 में आया था। जबकि पवन का परिवार 2010-11 में यहां एक झुग्गी खरीदकर शिफ्ट हुआ था। बताया गया है कि पवन के परिवार का व्यवहार पहले से ही पड़ोसियों के प्रति बेहद खराब था और यहां करीब एक साल रहने के बाद ही पवन ने अपने साथियों के साथ मिलकर निर्भया केस को अंजाम दिया था।
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nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया
कुछ लेंगे टीवी से अपडेट तो कुछ तिहाड़ भी पहुंचेंगे
लोगों ने कहा कि जब दोषियों को फांसी होगी तब वे लोग तिहाड़ जेल भी पहुंचेंगे और दोषियों की मौत का जश्न मनाएंगे। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि वे टीवी चैनलों पर दोषियों की सजा- ए- मौत की खबर देखेंगे।
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