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निर्भया के दोषियों का फांसी से फासला हुआ और कम, जानिए किसके पास बचे हैं कितने विकल्प

Thu, 16 Jan 2020 02:31 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

- विनय और मुकेश की दया याचिका हो चुकी है खारिज
- मुकेश की डेथ वारंट पर रोक लगाने वाली याचिका भी खारिज
- विनय और मुकेश के पास दया याचिका का सांविधानिक हक ही बचा
- पवन और अक्षय ने अभी नहीं लगाई है क्यूरेटिव याचिका
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- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दो गुनहगारों विनय शर्मा और मुकेश कुमार की क्यूरेटिव पिटीशन (सुधारात्मक याचिका) मंगलवार को खारिज कर दी और बुधवार को हाईकोर्ट ने मुकेश की डेथ वारंट पर रोक लगाने वाली याचिका भी खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने मुकेश और विनय के डेथ वारंट पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया। इसके साथ ही इन दोनों के पास मौत की सजा से बचने का अंतिम कानूनी विकल्प खत्म हो गया। 

दोनों ने नौ जनवरी को क्यूरेटिव याचिका लगाई थी। हालांकि इनके पास राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर करने का रास्ता बचा है। दो अन्य दोषियों अक्षय सिंह और पवन गुप्ता ने अभी क्यूरेटिव याचिका दाखिल नहीं की है। जानिए अब चारों के पास क्या विकल्प बचें और कितने दिनों में इसे इस्तेमाल किया जा सकता है।
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निर्भया के दोषी अक्षय और विनय - फोटो : अमर उजाला
चाल-चलन और परिवार का हवाला
विनय ने याचिका में कहा कि उसकी कम उम्र को गलत तरह से खारिज किया गया। सामाजिक, आर्थिक स्थिति, बीमार माता-पिता सहित परिवार में आश्रितों, जेल में अच्छे चाल-चलन और सुधार की संभावना पर ध्यान नहीं दिया गया। उसने 17 ऐसे मामलों का हवाला दिया जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म और हत्या के मामले में मौत की सजा उम्रकैद में बदली है।
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- फोटो : अमर उजाला
आखिरी सांविधानिक रास्ता दया याचिका
- मुकेश की दया याचिका दिल्ली सरकार खारिज कर चुकी है अब यह राष्ट्रपति के पास लंबित है।
- विनय खुद या उनके रिश्तेदार अनुच्छेद-72 के तहत दया याचिका लगा सकते हैं।
- ऐसा हुआ तो राष्ट्रपति कार्यालय दया याचिका पर केंद्र सरकार से सलाह मांगेगा।

जारी है...

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निर्भया के दोषियों को होगी फांसी - फोटो : Amar Ujala
- केंद्रीय गृह मंत्रालय संबंधित राज्य से रायशुमारी के बाद राष्ट्रपति को रिपोर्ट देगा।
- राष्ट्रपति के लिए सरकार का निर्णय मानना बाध्यकारी है। हालांकि दया याचिका के निपटारे की सीमा तय नहीं है। याचिका लंबित होने पर दोषी कोर्ट से मौत की सजा पर रोक की गुहार लगा सकता है।
 
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निर्भया के दोषी - फोटो : अमर उजाला
खबर है कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने गुरुवार को मुकेश की दया याचिका गृहमंत्रालय को भेज दी है और राष्ट्रपति से सिफारिश की गई है कि मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी जाए।
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