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खोजी कुत्तों और घोड़ों की मदद से JNU में 'नजीब' को ढूंढ रहे 600 पुलिसवाले

Tue, 20 Dec 2016 07:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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जेएनयू में चल रहा नजीब तलाशी अभ‌ियान - फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट के आदेश पर जेएनयू से गायब हुए छात्र नजीब की तलाश जारी है। लगातार दूसरे दिन खोजी  कुत्तों, घोड़ों के साथ JNU में नजीब को ढूंढ रहे हैं  600 पुलिसवाले। सोमवार के बाद मंगलवार को भी पुलिस टीमें खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) के साथ कैंपस पहुंचीं और जांच में जुटी हैं। 
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जेएनयू में चल रहा नजीब तलाशी अभ‌ियान - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि अपराध शाखा और दक्षिण जिले के करीब 600 से अधिक पुलिसकर्मी सोमवार सुबह 10 बजे से देर शाम तक कैंपस की तलाशी में लगे रहे और आज भी वह तलाश जारी है। खोजी कुत्तों को हॉस्टल में नजीब के कमरे में भी ले जाया गया। बड़ा कैंपस होने के कारण पुलिस ने घोड़ों की भी मदद ली। पहले दिन करीब 60 फीसदी कैंपस की तलाशी हो पाई थी और मंगलवार को कैंपस के बाकी बचे हिस्सों को खंगाला जा रहा है। सोमवार को हुई तलाशी में पुलिस को नजीब का कोई भी सुराग नहीं मिला था और आज भी ऐसी कोई खबर अब तक नहीं आई है।
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जेएनयू में चल रहा नजीब तलाशी अभ‌ियान - फोटो : अमर उजाला
संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर जेएनयू परिसर में सोमवार को तलाशी अभियान चलाया गया। लोकल पुलिस की मदद से अपराध शाखा की सभी टीमों के करीब 600 से अधिक पुलिसकर्मी सुबह करीब 10 बजे कैंपस पहुंचे। इनमें दो डीसीपी के अलावा दर्जनों एसीपी और इंस्पेक्टर भी रहे। पुलिस कर्मियों के साथ छह स्निफर डॉग्स को भी नजीब की तलाश में लगाया गया था। कैंपस में पानी की टंकियों, सीवर के मेनहोल, जंगल, छतों, क्लास रूम, बंद पड़े कमरों, शिक्षकों के आवास, कुछ हॉस्टलों और अन्य जगहों पर छानबीन की गई। सूत्रों का कहना है कि कुछ छात्रों से हल्की पूछताछ भी की गई। पुलिस टीम खोजी कुत्ते लेकर नजीब के कमरे में भी पहुंची। वहां कुत्ते को उसका बिस्तर व मोजे सुंघाए गए। इनमें एक कुत्ता ऐसा था, जो जमीन में दबे हुए शव को भी खोज निकालता है। देर शाम तक चली तलाशी के बाद टीमें वापस लौट गईं।

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जेएनयू में चल रहा नजीब तलाशी अभ‌ियान - फोटो : अमर उजाला
किसी बाहरी या मीडियाकर्मी को नहीं जाने दिया अंदर
इस दौरान कैंपस की सुरक्षा कड़ी रही। किसी भी बाहरी और मीडियाकर्मी को कैंपस में दाखिल नहीं होने दिया गया। गौरतलब है कि दो माह पूर्व नजीब अहमद संदिग्ध हालात में कैंपस से गायब हो गया। तब से पुलिस नजीब की तलाश कर रही है। इस बीच नजीब की मां फातिमा नफीस की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि वह खोजी कुत्ते के साथ पूरे जेएनयू परिसर की तलाशी लेकर नजीब का पता लगाने का प्रयास करे।
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जेएनयू में चल रहा नजीब तलाशी अभ‌ियान - फोटो : अमर उजाला
मारपीट करने वाले छात्रों का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट
माही-मांडवी हॉस्टल में 14 अक्तूबर की रात नजीब से मारपीट करने वाले छात्रों का पुलिस लाई डिटेक्टर टेस्ट कराएगी। संयुक्त आयुक्त ने बताया कि मारपीट करने वाले सभी छात्रों को पुलिस नोटिस देकर टेस्ट के लिए बुलाएगी। इससे पहले आरोपी छात्रों का पॉलीग्राफ टेस्ट भी करवाया जा चुका है।
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जेएनयू में चल रहा नजीब तलाशी अभ‌ियान - फोटो : अमर उजाला
मां ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
तलाशी के दौरान नजीब की मां फातिमा नफीस व परिवार के अन्य सदस्य कैंपस के बाहर मौजूद थे। फातिमा ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जो काम पुलिस को खुद करना चाहिए था, वह कोर्ट के आदेश के बाद अब कर रही है। शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। जब देर हुई, तो पुलिस ने बस इनाम की रकम बढ़ाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी। बता दें कि नजीब का सुराग देने वाले को पुलिस ने 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
‘देरी से शुरू हुआ तलाशी अभियान’
छात्रसंघ के पूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ शर्मा ने कहा है कि कैंपस में तलाशी अभियान बहुत देरी से शुरू हुआ। हम शुरुआत से इस जांच अभियान की मांग कर रहे थे। हालांकि वामपंथी अब कैंपस में पुलिस के आने से चुप हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस पांच छात्रों को बार-बार फोन करके परेशान कर रही है। जबकि नजीब के साथ रात भर रहने वाले छात्रसंघ अध्यक्ष समेत अन्य का भी लाई डिटेक्टर टेस्ट किया जाना चाहिए।
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जेएनयू में चल रहा नजीब तलाशी अभ‌ियान - फोटो : अमर उजाला
‘देरी से शुरू हुआ तलाशी अभियान’
छात्रसंघ के पूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ शर्मा ने कहा है कि कैंपस में तलाशी अभियान बहुत देरी से शुरू हुआ। हम शुरुआत से इस जांच अभियान की मांग कर रहे थे। हालांकि वामपंथी अब कैंपस में पुलिस के आने से चुप हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस पांच छात्रों को बार-बार फोन करके परेशान कर रही है। जबकि नजीब के साथ रात भर रहने वाले छात्रसंघ अध्यक्ष समेत अन्य का भी लाई डिटेक्टर टेस्ट किया जाना चाहिए।
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जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद की मां और नजीब - फोटो : अमर उजाला
नजीब मामले में कब क्या हुआ
14 अक्तूबर : रात में माही मांडवी हॉस्टल के अपने कमरे में नजीब का कुछ छात्रों से झगड़ा हुआ।
15 अक्तूबर : नजीब हॉस्टल से अचानक गायब हो गया।
16 अक्तूबर : परिजनों ने नजीब के गायब होने का मामला दर्ज कराया, पुलिस ने जांच शुरू की।
20 अक्तूबर : पुलिस ने नजीब का सुराग देने वाले को 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की।
25 अक्तूबर : इनाम राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई।
04 नवंबर   : इनाम राशि दो लाख रुपये कर दी गई।
12 नवंबर : मामले की छानबीन का जिम्मा दक्षिण जिला से अपराध शाखा को सौंप दिया गया।
15 नवंबर : इनाम राशि पांच लाख रुपये कर दी गई।
16 नवंबर : अपराध शाखा ने उस ऑटो चालक को ढूंढ निकाला, जो नजीब को जामिया लेकर गया था।
28 नवंबर : इनाम राशि 10 लाख रुपये कर दी गई।
14 दिसंबर : नजीब की मां की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को जेएनयू परिसर की तलाशी लेने का आदेश दिया।
19 दिसंबर : पुलिस ने स्निफर डॉग्स के साथ परिसर में तलाशी अभियान शुरू किया।
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