गुरुग्राम पुलिस (फाइल फोटो)
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जिस समय यह हादसा हुआ उस समय पुलिस को गुमराह किया गया कि यह हादसा हुआ है हत्या नहीं। पुलिस ने पहले दिन तो इस मामले में मामला दर्ज नहीं किया। परिजन शकुनत को बचाना चाहते थे, क्योंकि शकुनत व उसकी देवरानी सगी बहन है तो सास उसकी बुआ लगती है। इसलिए शकुनत के मायके वाले चाहते थे कि मामला यूं ही रफा-दफा हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।