प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली के कई स्टेडियमों में केवल खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाता है। इसके अलावा जिनको पास की सुविधा दी गई है, वही प्रवेश कर पाते हैं। सार्वजनिक प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। ऐसे में नोएडा में भी यह प्रणाली लागू की जा सकती है।
हालांकि स्टेडियम में सुबह और शाम की सैर करने वालों का कहना है कि यहां आसपास कोई पार्क नहीं है। ऐसे में नोएडा स्टेडियम ही एकमात्र सहारा है। इसे अगर छीन लिया जाएगा, तो यह उनके साथ नाइंसाफी होगी। प्राधिकरण के एसीईओ राकेश कुमार मिश्र का कहना है कि इसके नियमों का अध्ययन कराया जाएगा और किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी।
प्राधिकरण ने दिया ध्यान, तो बढ़ी आमदनी
नोएडा स्टेडियम में चलने वाली कोचिंग से प्राधिकरण को काफी कम आय हो रही थी, लेकिन अब जब से ध्यान दिया जा रहा है, तब से इसकी आमदनी करीब चार गुना बढ़ गई है। पहले जहां इससे तीन से चार लाख रुपये महीने की आय होती थी, वहीं अब इससे करीब 18 लाख रुपये की आमदनी हो रही है।