नोएडा में कार में जिंदा जले इंजीनियर की मौत चौंकाने वाली है। गाजियाबाद में ही 2018 में दो दर्जन से अधिक कारों के जलने की घटनाएं हुईं। एक मामले में तो व्यक्ति की जान चली गई। नियमित मेंटेनेंस नहीं होना, रेडिएटर में पानी की कमी, शॉर्ट सर्किग सहित इनफ्लेमेबल वस्तुएं कार में आग लगने का प्रमुख कारण हैं।
विज्ञापन
2 of 6
modified car interior
कार में ज्वलनशीन स्प्रे और आर्टिफिशियल वस्तुएं नहीं रखें
आरकेजीआईटी में मैकेनिकल विभाग के प्रो. रविशंकर प्रसाद ने बताया कि कार में परफ्यूज सहित ज्वलनशील स्प्रे के साथ आर्टिफिशियल वस्तुएं कम से कम होनी चाहिये। कार में पहले से ही अधिकांश सामान ज्वलनशील कैटेगरी का होता है।
आग लगने की दशा में ज्वलनशील वस्तुएं होने से आग तेजी से फैलती है। कार सीएनजी हो या फिर पेट्रोल-डीजल की, स्कोकिंग बिल्कुल न करें। कार में विंडो ब्रेकिंग टूल के साथ आग बुझाने का छोटा सिलेंडर होना चाहिए।
विज्ञापन
3 of 6
3 साल में हाइड्रो सिलेंडर टेस्ट व कम से कम हों असेसरीज
न्यू एसपी मॉटर्स के सुबोध कुमार गोला बताते हैं कि सीएनजी फिटेड कार में एक्स्ट्रा एम्पीफायर, हॉर्न सहित कम से कम असेसरीज होनी चाहिए। किट ऑथराइज्ड होने के साथ उसका हर तीन साल में हाइड्रो सिलेंडर टेस्ट जरूरी है। कार की वायरिंग की नियमित जांच जरूरी है।
4 of 6
शॉर्ट सर्किट व टक्कर लगने से सेंसर बंद कर देते हैं काम
हाइटेक इंस्टीट्यूट के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक ब्रांच के एचओडी डॉ. विवेक चोपड़ा ने बताया कि आग में आग लगने, टक्कर लगने पर या फिर किसी दशा में शॉर्ट सर्किट होने पर काम में सेंसर काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे में सेंट्रलाइज्ड लॉकिंग वाली कार ऑटोमेटिक लॉक हो जाती हैं। कार में धुंए से मोनोऑक्साइड गैस या फिर हीटर पर कार्बन डाई ऑक्साइड गैस से आदमी बेहोश हो सकता है। ऐसे में विंडो ब्रेकिंग टूल व आग बुझाने के उपकरण जरूरी हैं।
विज्ञापन
5 of 6
कार में आग लगने के प्रमुख कारण एक नजर में
- सीएनजी व एलपीजी किट की खराब या फिर काफी पुरानी होना
- लंबे वक्त से काम की सर्विस नहीं कराना, इससे तकनीकी दिक्कत होना
- रेडिएटर में पानी की कमी के चलते इंजन का गर्म हो जाना
- वाहन चलाते वक्त गैस खत्म होने पर पेट्रोल पर कनवर्ट करने पर
- सीएनजी वाहनों के अंदर धूम्रपान व ज्वलनशील सामान रखा होना
कार चलाते वक्त रखें यह सावधानियां
- वाहन की नियमित सर्विस के साथ वायरिंग की जांच जरूर कराएं
- कार के रेडिएटर का नियमित पानी चेक करें, खासकर गर्मियों में
- मानकों पर खरी उतरने वाली सीएनजी किट ही कार में लगवाएं
- वाहन चलाते वक्त धुआं या फिर दुर्गंध आने पर वाहन तुरंत रोककर चेक करें
- फायर इस्टिंग्यिसर का छोटा सिलेंडर कार में जरूर रखें