मोदी फॉर पीएम कार रैली निकलते वक्त हर्षवर्धन की कार ने धोखा दे दिया। जिसके कारण यह मोदी फॉर पीएम रैली धक्का मार रैली बन गई। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन भी कार में सवार हो गए, लेकिन जिस ओपन कार में हर्षवर्धन खड़े हुए वह कार आगे बढ़ने को ही तैयार नहीं हुई। जब हर्षवर्धन की कार ने रैली में आगे बढ़ने से मना कर दिया तब उसे धक्का मार-मार का रैली का हिस्सा बनाया गया।