दादरी में सोमवार को हुई इकलाख की नृशंस हत्या के बाद पहली बार उसके गांव बिसाहड़ा पहुंचे गौतबुद्ध नगर के एमपी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा इकलाख के परिजनों से मिले। (सभी फोटोः अमित त्यागी/अमर उजाला)
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केंद्रीय मंत्री से बोले इकलाख के परिजन, मदद नहीं इंसाफ चाहिए
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महेश शर्मा के साथ श्रीचंद शर्मा भी मृतक इकलाख के परिजनों से मिलने पहुंचे।
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महेश शर्मा ने मृतक परिजनों को हरसंभव मदद देने की बात कही, जिसपर परिजनों ने उनसे मदद की नहीं न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
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महेश शर्मा से जब पत्रकारों ने पूछा कि आपने इस घटना को हादसा कहा था जबकि ओवैसी इसे सोची-समझी साजिश बता रहे हैं। इस प्रश्न पर शर्मा बोले कि वो अब भी अपने बयान पर कायम हैं और इस घटना को एक हादसा ही बताया।
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उन्होंने दोबारा कहा कि इस मामले को राजनीतिक रूप नहीं देना चाहिए। ये हमारी गंगा जमुनी तहजीब पर एक बड़ा आघात होगा।
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महेश शर्मा ने कहा कि इस इलाके में सत्तर साल से हिंदु-मुस्लिम एक साथ रह रहे हैं। इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश बिल्कुल ना की जाए। इसके साथ ही मीडिया वालों को भी अपने निशाने पर लेते हुए कहा कि मीडिया वाले उनके मुंह से ये सुनना चाहते हैं कि ये एक सुनियोजित घटना है। लेकिन ये एक हादसा ही है।
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महेश शर्मा ने ये भी कहा कि जो लोग इस घटना को राजनीतिक रंग देना चाहते हैं वो यहां ना आएं। जो सांत्वना देना चाहते हैं उनका स्वागत है पर इस पर राजनीति न करें।
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बता दें कि महेश शर्मा का विरोध भी इकलाख के परिजनों ने किया। एक परिजन ने कहा कि हम गमी में हैं और भाजपा वाले यहां आकर हमारे गम को हरा कर रहे हैं। वो यहां न आएं।