ऑनलाइन ठगी के आरोप में पुलिस की गिरफ्त में आए अनुभव मित्तल के समर्थन में जंतर-मंतर पर रविवार को प्रदर्शन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में दिल्ली-एनसीआर के लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने अनुभव की तुलना स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडेय से की।
साथ ही आरोप लगाया कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने वैश्विक सोशल नेटवर्किंग साइट्स कंपनियों के दबाव में मित्तल को गिरफ्तार कराया है। रविवार सुबह से ही समूहों में लोग जंतर-मंतर पहुंचने लगे। लोगों ने हाथ में ‘अनुभव मित्तल को रिहा करो’ के नारे लिखे हुए पोस्टर थे।
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महाठगी के आरोपी के समर्थन में लोगों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर तक बड़ी संख्या में लोग जुट गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अनुभव और उनकी कंपनी सरकारी कानूनों के तहत काम कर रही है। उन्होंने किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं की है। ऐसे में एसटीएफ की कार्रवाई सरासर गलत है।
गाजियाबाद से जंतर-मंतर पहुंचे सुभाष शर्मा ने कहा कि वह पिछले करीब एक साल से कंपनी से जुड़े हैं। कंपनी आयकर से जुड़े नियमों का पालन करती थी। साथ ही वादे के अनुसार हर महीने उन्हें पैसा भी मिल जाता था।
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लोगों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में समझ में नहीं आ रहा कि सरकार ने मित्तल को जेल में क्यों डाल दिया। प्रदर्शन में शामिल होने के बारे में नोएडा से सुरेंद्र भाटी का कहना था कि उन्हें व्हाट्स ऐप पर मैसेज मिला था कि कंपनी को बचाने के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होने जा रहा है।
इसलिए वह भी मित्तल का समर्थन करने पहुंच गए। पिछले करीब आठ महीनों से कंपनी से जुड़े भाटी ने बताया कि उन्हें इस आनलाइन कारोबार में कोई गड़बड़ी नहीं लगती। सारा कारोबार ऑन पेपर था। शर्तों के अनुसार कंपनी उन्हें हर महीने पैसा दे देती थी।
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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि अगर सरकार अनुभव और कंपनी के बारे में यह बता दे कि उन्होंने देश के किसी कानून को तोड़ा है, तो वह तुरंत वापस अपने घर लौट जाएंगेे। लेकिन इस तरह बेवजह किसी को जेल में डालना गलत है।
37 अरब का ऑनलाइन SCAM: 'महाठग' के समर्थन में उतरे लोग, सुनाई नई कहानी इससे कंपनी से जुड़े लोग सड़क पर आ जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांग कि अनुभव को तुरंत रिहा करने के साथ उन्हें कारोबार करने की छूट मिलनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने अनुभव की तुलना स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडेय तक से कर दी।
समर्थकों ने कहा कि जिस तरह से मंगल पांडेय ने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों को सबक सिखाया था, उसी तरह मित्तल आज विदेशी कंपनियों को धूल चटा रहे हैं। उनके जैसे रोजगार पैदा करने वाला क्रांतिकारी आज तक देश में पैदा नहीं हुआ। लोगों ने आरोप लगाया कि फेसबुक, ट्विटर समेत दूसरी विदेशी कंपनियों के दबाव में आकर सरकार ने मित्तल के खिलाफ कदम उठाया है।
कंपनी से जुड़े लोगों का कहना था कि मित्तल इसी महीने अपने कारोबार का विस्तार करने जा रहे थे। उनकी योजना थी कि फेसबुक की तर्ज पर एक भारतीय सोशल नेटवर्किंग साइट लॉन्च की जाए। ई-कामर्स के क्षेत्र में भी हाथ आजमाने की योजना थी। इस पर रोक लगाने के लिए एसटीएफ ने कार्रवाई की है।