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खुद को जिंदा साबित करने के लिए मोदी के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव, पढ़ें 16 साल पहले क्या हुआ था ऐसा

Tue, 16 Apr 2019 12:02 PM IST
पूजा त्रिपाठी नेहा कौशिक, अमर उजाला, नई दिल्ली
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संतोष लड़ेंगे पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव - फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाराणसी से चुनौती देने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। पूर्व बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव, 111 तमिलनाडु के किसान और चंद्रशेखर रावण के अलावा जंतर-मंतर पर सात साल से अपने जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए प्रदर्शन पर बैठे संतोष मुरात सिंह ने वाराणसी से चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
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संतोष मुरात सिंह - फोटो : अमर उजाला
संतोष ने कहा कि अपने जिंदा होने की लड़ाई लड़ने के लिए वह हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं।  उन्होंने 2017 में राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन भी दाखिल किया, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
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संतोष - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि जिंदा होने के प्रमाण के लिए उन्होंने मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया है। संतोष वाराणसी से मोदी के नामांकन दाखिल करने वाले दिन ही अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

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संतोष के साथ पीएम मोदी का हमशक्ल - फोटो : सोशल मीडिया
मुद्दों पर बात करते हुए संतोष ने बताया कि वो जुमले और बड़े-बड़े वादों से दूर रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। संतोष ने यह भी बताया है कि अपनी ही तरह सरकारी कागजों में मृत दिखाए गए लगभग 50 हजार लोग उनका समर्थन कर रहे हैं।
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संतोष लड़ेंगे पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव - फोटो : सोशल मीडिया
चचेरे भाइयों ने कर दिया था मृत घोषित 
संतोष के मुताबिक, उनकी लड़ाई साल 2003 में तब शुरू हुई जब एक दलित लड़की से शादी करने पर उनके चचेरे भाइयों ने उन्हें जायदाद से बेदखल कर उन्हें मृत घोषित करवा दिया। अपनी 12 एकड़ की जमीन वापस पाने के लिए संतोष ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मायावती, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक के दरवाजे खटखटा चुके हैं, लेकिन उन्हें इंसाफ नहीं मिल पाया।

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