फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट के बारे में सबकुछ, प्रत्याशियों से लेकर जातिगत समीकरण तक हर जानकारी

Tue, 30 Apr 2019 12:29 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
अरविंदर सिंह लवली, गौतम गंभीर और आतिशी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

झुलसा देने वाली गर्मी के बीच पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र का सियासी पारा उफान पर है। तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने  सियासी बिसात बिछा दी है। आरोपों-प्रत्यारोपों, शिकवा-शिकायतों की बौछार कर तीनों दल एक-दूसरे पर बढ़त बनाने की कोशिश में हैं। दूसरी तरफ आम मतदाता विकास व राष्ट्रवाद के बीच अपने प्रतिनिधि की तलाश कर रहा है।

विज्ञापन


दिलचस्प यह कि पूर्वी दिल्ली के त्रिकोणीय मुकाबले को सीधी लड़ाई दिखाने की रणनीति पर तीनों दल काम कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के लिए उसकी सीधी टक्कर भाजपा से है तो कांग्रेस सीधी लड़ाई भाजपा से बता रही है। वहीं, भाजपा भी आप को तीसरे पायदान का खिलाड़ी बताती है। इसकी जगह भाजपा अपना सीधा प्रतिद्वंदी कांग्रेस को मान रही है।

आप प्रत्याशी आतिशी बीते करीब छह महीने से प्रचार के मोड में हैं। जबकि भाजपा ने क्रिकेटर गौतम गंभीर व कांग्रेस ने अरविंदर सिंह लवली को अपना उम्मीदवार बनाया है। तीनों प्रत्याशी मतदाताओं को अपनी तरफ लामबंद करने की जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं। नुक्कड़ सभाओं, रोड शो, मार्निंग व इवनिंग वॉक के सहारे मतदाताओं से संपर्क करने का सघन अभियान तीनों प्रमुख प्रत्याशियों ने चला रखा है।

विज्ञापन

विकास व राष्ट्रवाद के बीच प्रतिनिधि ढूंढता वोटर

तीनों दलों की गहमागहमी के दौर पूर्वी दिल्ली का आम वोटर हालांकि अभी ज्यादा मुखर नहीं है, लेकिन इलाके के विकास व राष्ट्रवाद के बीच अपना प्रतिनिधि ढूंढने की उसकी कोशिश भी है। हर एक के अपने-अपने दावे हैं। कोई भाजपा की जीत पक्की मान रहा था, तो कोई आम आदमी पार्टी (आप) की। कांग्रेस के हक में बनते माहौल को भी मतदाता नजरअंदाज नहीं कर रहे।

अनधिकृत व पॉश कालोनियों में बसती पूर्वी दिल्ली 
कभी पटपड़गंज, मंडावली-फाजलपुर, हसनपुर व समसपुर गांव के इर्द-गिर्द सिमटी पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र की आबादी आज अनधिकृत और पॉश कॉलोनियों के बीच बसती है। नई दिल्ली की तुलना में सस्ता इलाका होने से बड़ी तादाद में बिहार, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के प्रवासियों ने आशियाना बनाया। इसकी कारोबारी अहमियत भी बनी। देश की सबसे बड़ी रेडीमेड गारमेंट की गांधी नगर मार्केट दिल्ली को अलग पहचान देती है। 

पूर्वी दिल्ली की बेहतर तस्वीर: 
यूपी बार्डर से आप दिल्ली में प्रवेश कीजिए, मेरठ एक्सप्रेस आपकी रफ्तार बरकरार रखेंगे। जबकि दिल्ली मेट्रो की तीन लाइनें दिल्ली से नोएडा और गाजियाबाद की दूरी सीमित कर रही हैं। इसके अलावा राष्ट्रमंडल खेल गांव और अक्षरधाम मंदिर व आनंद विहार रेल टर्मिनल दिल्ली के इस इलाके को अलग पहचान देता है। 

पूर्वी दिल्ली की प्रमुख समस्या 

अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर, सड़क, नाली साफ-सफाई जैसी बेहद जरूरी चीजों का अभाव है, जबकि पॉश कालोनियां से पार्किंग, जाम व सुरक्षा व्यवस्था जैसी समस्याओं की आवाज उठती है।

तीन दशकों से ब्राह्मण व उससे पहले पंजाबी समुदाय का रहा दबदबा
1967 में अस्तित्व में अस्तित्व में आने के बाद से पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र को प्रतिनिधित्व पिछले तीन दशकों से ब्राह्मण नेताओं के पास है। 1991 में बैकुंठ लाल शर्मा प्रेम के सांसद बनने के बाद लाल बहादुर तिवारी, संदीप दीक्षित व महेश गिरी यहां से सांसद बने। इससे पहले के दौर में चार बार पंजाबी समुदाय के एचकेएल भगत यहां के सांसद थे। 

पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट:
1967-71         एडी देवगन        जन संघ
1971-77         एचकेएल भगत     कांग्रेस
1977-80         किशोरी लाल         जनता पार्टी
1980-84        एचकेएल भगत     कांग्रेस
1984-89         एचकेएल भगत     कांग्रेस
1989-91         एचकेएल भगत     कांग्रेस
1991-96         बैकुंठ लाल शर्मा     भाजपा
1996-97         बैकुंठ लाल शर्मा    भाजपा
1997-98 (उपचुनाव)लाल बिहारी तिवारी भाजपा
1998-99         लाल बिहारी तिवारी     भाजपा
1999-2004         लाल बिहारी तिवारी     भाजपा
2004-09         संदीप दीक्षित         कांग्रेस
2009-2014         संदीप दीक्षित         कांग्रेस
2014-अभी तक    महेश गिरि        भाजपा
विज्ञापन

पूर्वी दिल्ली सीट की विधानसभाओं से विधायक

आप: कृष्णा नगर, शाहदरा, ओखला, गांधी नगर, जंगपुरा, त्रिलोकपुरी, कोंडली, पटपडग़ंज, लक्ष्मी नगर।
भाजपा: विश्वास नगर।

पूर्वी दिल्ली सीट का जातिगत आंकड़ा
सिख    3.12
ब्राह्मण    11.9
एससी    15.94
वैश्य    9.3
पंजाबी    14.07
मुस्लिम    16.32
गुर्जर    6.94
ओबीसी 12.60
अन्य    9.8

अलग-अलग इलाकों को प्रभावित करने वाला तबका
मुस्लिम: ओखला, गांधी नगर, त्रिलोकपुरी, लक्ष्मी नगर।
एससी: त्रिलोकपुरी, कोंडली।
ओबीसी: त्रिलोकपुरी, कोंडली।
वैश्य: गांधी नगर, कृष्णा नगर, विश्वास नगर।
सिख: कृष्णा नगर, गांधी नगर, शाहदरा, जंगपुरा।
ब्राह्मण: विश्वास नगर, पटपडग़ंज, शाहदरा, लक्ष्मी नगर।
पंजाबी: गांधी नगर, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, शाहदरा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें