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तस्वीरें: पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर बोला हमला, 'जो कांग्रेस के साथ रहा, उस पर भी वंशवाद हावी'

Thu, 09 May 2019 07:15 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बुधवार को रामलीला मैदान पर दिल्ली की सातों सीट पर भाजपा प्रत्याशियों के लिए समर्थन जुटाने और भाजपाई कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए पीएम मोदी ने राष्ट्रवाद से लेकर भ्रष्ट्रचार, व्यापार और आतंकवाद तक का मुद्दा उठाया। पीएम मोदी ने कहा कि इन नाकामपंथियों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन को नाकाम किया। आम आदमी की छवि को बदनाम किया। करोड़ों युवाओं के विश्वास और भरोसे को चकनाचूर किया। इतना ही नहीं इन्होंने देश में नई राजनीति के प्रयासों को भी नाकाम कर दिया। पीएम मोदी ने संकेतों में ही आप पार्टी को अराजक भी कहा। उन्होंने कहा कि ये लोग नई व्यवस्था देने आए थे, लेकिन खुद ही अव्यवस्था और अराजकता का दूसरा नाम बन गए। इस नाकामपंथी के पीछे जिम्मेदार नामपंथी यानि कांग्रेस है।

पीएम ने कहा कि नाकामपंथी लोगों ने पहले हर किसी को अनाप-शनाप कहा और फिर घुटनों के बल चलकर माफी मांग ली। इन लोगों ने अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए हर बात से यू-टर्न लेने का काम किया। देश की हर संवैधानिक संस्था, हर पद को गाली देकर इन्होंने अपने कुसंस्कार प्रकट किए। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने टुकड़े-टुकड़े गैंग, खालिस्तान समर्थकों और विदेशी ताकतों को बढ़ावा देने का आरोप तक लगाया। दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना और 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण तक का लाभ न मिलने पर दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
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पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के नामदार परिवार की चौथी पीढ़ी देश देख रहा है। इस परिवार के साथ जो भी रहा, उस पर भी वंशवाद की मानसिकता हावी है। दिल्ली में दीक्षित, हरियाणा में हुड्डा से लेकर भजनलाल और बंसीलाल तक, पंजाब में बेअंत सिंह, राजस्थान में गहलोत और सिधिंया, मध्यप्रदेश में कमलनाथ और दिग्विजय तक वंशवाद चला रहे हैं। इनके अलावा जम्मू कश्मीर में अब्दुल्ला-मुफ्ती वंश, यूपी में मुलायम, बिहार में लालू, महाराष्ट्र में पवार, कर्नाटक में देवगौड़ा, तमिलनाडू में करूणानिधि और आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू वंशवाद का झंडा उठाए हुए हैं। 
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चुनाव के साथ अन्य आयोजन में फूलते थे हाथ-पांव
पीएम मोदी ये भी कहा कि पहले चुनाव के अन्य किसी आयोजन में कांग्रेस सरकार के हाथ पैर फूल जाते थे, लेकिन इस बार चुनाव के साथ साथ आईपीएल का आनंद भी करोड़ों लोग ले रहे है। ओड़िशा में आया खूनी चक्रवात के अलावा नवरात्रि, हनुमान जंयती और अब रमजान में भी लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जबकि दिल्ली में पांच साल पहले आएदिन बम धमाके और असुरक्षा का माहौल था। लोग बसों और सार्वजनिक स्थानों पर डरे-सहमे जाते थे। 

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युद्घपोत से छुट्टियां मनाने गया था गांधी परिवार
पीएम मोदी ने कहा कि एक कांग्रेस के नामदार ने कहा है कि भारतीय सेना किसी की जागीर नहीं है। उन्होंने कहा, ऐसे लोगों की आंख में आंख मिलाकर बताना चाहता हूं कि देश के आईएनएस विराट युद्घपोत का टैक्सी की तरह इस्तेमाल गांधी परिवार ने किया। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी 10 दिन तक छुट्टी बिताने के लिए एक द्वीप पर आईएनएस विराट के जरिए न सिर्फ गए, बल्कि उस द्वीप पर तमाम मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराने के लिए भारतीय सेना का हेलीकॉप्टर और पूरी सरकार जुटी रही। समुद्री सीमा से हटाकर युद्घपोत को 10 दिन तक द्वीप पर रखा गया। राजीव गांधी के साथ उस वक्त उनके ससुराल के मेहमान थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या विदेशियों को भारत के वॉरशिप पर ले जाकर तब देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया गया? उन्होंने कहा कि जब एक परिवार ही सर्वोच्च हो जाता है, तब देश की सुरक्षा दांव पर लग ही जाती है। जब एक परिवार ही सर्वोच्च हो जाता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की चिंता भी नहीं रह जाती।
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घर में घुसकर मारेगा नया हिंदुस्तान
अपने भाषण के आखिर में पीएम मोदी ने राष्ट्रवाद और आतंकवाद पर निशाना साधते हुए कहा कि नया हिंदुस्तान अब अपनी समस्याओं के लिए कहीं जाकर गिड़गिड़ाता नहीं है। नया हिंदुस्तान जानता है कि आतंकी हमलों का खतरा अभी टला नहीं है लेकिन वो आश्वस्त है। क्योंकि नया हिन्दुस्तान अब आतंकियों को घर में घुसकर मारता है। 

कार्यकर्ताओं में दिखाई दिया जबरदस्त जोश
 रामलीला मैदान में हर ओर मोदी ही मोदी दिखे। पूरा इलाका मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं में उत्साह इतना जबरदस्त था कि प्रधानमंत्री मोदी को अपने भाषण के बीच में रोकना पड़ा। वे हंसते हुए बोले, ‘आपका प्रेम ही मेरी ताकत है।’ यह सुनते ही नारों की ध्वनि और तेज हो गई। रैली में आए किसी कार्यकर्ता के हाथ में मोदी का होर्डिंग था तो किसी के पास कमल का फूल। कोई मोदी के वेश में पहुंचा तो कोई हनुमान बनकर जनसभा में शामिल हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से समर्थन मांगा तो नीचे मौजूद कार्यकर्ताओं ने सेल्फीलाइट्स दिखाते हुए उन्हें इसका भरोसा दिया। स्थिति यह थी कि रामलीला मैदान से पीएम के जाने के बाद भी जोशीले कार्यकर्ताओं के नारे शांत होने का नाम नहीं ले रहे थे। इस दौरान किसी के चेहरे पर मोदी का मुखौटा था तो किसी की टीशर्ट पर। कोई नमो तो कोई दिल्ली के दिल में मोदी जैसे नारे लिखे कपड़े पहनकर आया था। लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में पीएम मोदी ने रामलीला मैदान में राज्यभर के लोगों की जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नाम न लेते हुए आम आदमी पार्टी को नाकामपंथी बताया तो कांग्रेस पर भी निशाना साधा। 
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ज्यादा देर लोगों को नहीं रोक सकी तेज धूप
पीएम की जनसभा के लिए रामलीला मैदान में लोगों का आना दोपहर करीब दो बजे से ही शुरू हो गया था। चिलचिलाती धूप के बावजूद दोपहर तीन बजे के बाद सभी प्रवेश द्वारों पर भीड़ बढ़ गई। स्थिति यह थी कि सुरक्षा जांच के लिए भी पुलिस कम पड़ गई। पीएम के आने का समय नजदीक होने के कारण मंच से बार-बार जांच जल्द से जल्द पूरी करने की अपील भी होने लगी। 
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मैदान में नो एंट्री के बाद स्क्रीन पर सुना भाषण
रामलीला मैदान में सीमित संख्या तक ही लोगों को प्रवेश दिया जा सकता था। इसलिए हजारों कार्यकर्ताओं को देर शाम रामलीला मैदान के बाहर लगी स्क्रीन पर पीएम का भाषण सुनना पड़ा। रामलीला मैदान के बाहर पांच बड़ी स्क्रीन लगाई गई थीं। कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा होने के कारण आसपास के पूरे इलाके में ट्रैफिक जाम रहा। मैदान के बाहर ही राजस्थानी लोकनृत्य देखने का मौका भी मिला। ढोल-नगाड़ों से पूरा रामलीला मैदान गूंज उठा था। 

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पीएम को देखते ही आसमां पर पहुंचा जोश
शाम करीब साढ़े 7 बजे रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री को मंच पर देखते ही लोगों का उत्साह आसमान पर पहुंच गया। अपने फोन से सेल्फी लाइट दिखाते हुए उन्होंने न सिर्फ पीएम मोदी का स्वागत किया, बल्कि उनके लिए नारे भी लगाने शुरू कर दिए।

रामलीला मैदान में दिखा बाल मोदी
रामलीला मैदान में कहीं नगाड़े बज रहे थे तो कहीं मोदी के समर्थन में नारे लग रहे थे। कहीं बैनर तो कहीं मुखौटे थे। नृत्य के माध्यम से भी लोगों ने पीएम को जबरदस्त समर्थन दिया। इसी भीड़ में एक बच्चा भी था, जो मैदान में मौजूद लगभग हर कार्यकर्ता को आकर्षित कर रहा था। यह बच्चा पीएम नरेंद्र मोदी के वेश में पहुंचा था। मूल रूप से गुजरात निवासी 7 साल का मासूम अत्री दवे पिता दीपक दवे के साथ जनसभा में आया था। दीपक ने बताया कि तीन साल की उम्र से ही अत्री पीएम मोदी को कॉपी कर रहा है। उसकी जिद थी कि उसे रामलीला मैदान ले जाया जाए। इसीलिए वे उसे लेकर आए। अत्री दवे ने प्रधानमंत्री की तरह ही भाषण भी दिया, जिसका कार्यकर्ताओं ने भरपूर आनंद लिया। 

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pm modi
सुरक्षा के इंतजाम सख्त, इमारतों पर थे स्नाइपर
जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस और एसपीजी सहित तमाम सुरक्षाकर्मी अलर्ट पर थे। सुरक्षा के इंतजाम इतने पुख्ता थे कि मैदान के आसपास बड़ी-बड़ी इमारतों की छतों पर स्नाइपर मौजूद थे। लेजर और एलईडी लाइट्स के जरिये इनका फोकस रामलीला मैदान पर ही था। मंच से लेकर रामलीला मैदान के तमाम छोटे-बड़े गेट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। 

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पीएम के लिए शिकायतें भी लेकर आए लोग
रामलीला मैदान में एक युवा इंजीनियर लंबी सूची साथ लाया था। उसकी मानें तो सूची में उन घोटालों का जिक्र है, जिनके खिलाफ कभी कुछ नहीं हुआ। दिल्ली में ही नौकरी कर रहे मनीष शर्मा का विश्वास है कि पीएम मोदी इन घोटालों के खिलाफ कार्रवाई जरूर कराएंगे। वहीं, सुनील ठाकुर अपनी मां की तबियत खराब होने के कारण इलाज के लिए सहायता मांगने बिहार से रैली में आए थे। इनके अलावा, कई समर्थक ऐसे थे, जो दावा कर रहे थे कि वे पीएम मोदी की सभी रैली में शामिल होते हैं।
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दिव्यांग और विदेशी नागरिक भी थे मौजूद
जनसभा के दौरान दिव्यांग और विदेशी नागरिक तक दिखाई दिए। इजरायल, थाईलैंड और सिंगापुर के निवासी ये विदेशी नागरिक दिल्ली में बतौर पर्यटक आए हैं। ए नजदीकी पहाड़गंज इलाके के एक होटल में रुके हुए थे। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के बारे में काफी सुना था, इसलिए उनकी जनसभा में शामिल हुए। हालांकि इन्हें सुरक्षा के लिहाज से काफी मशक्कत भी करनी पड़ी थी। इनके अलावा पीएम की इस महारैली में दिल्ली के बुराड़ी, द्वारका, किराड़ी, लक्ष्मीनगर, गीता कॉलोनी, दरियागंज आदि इलाकों से दिव्यांग भी पहुंचे। सभा में इन्हें अलग से स्थान भी दिया गया था।
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