चंद्रग्रहण 2018 काफी खास है क्योंकि आज चांद तीन रंगों का दिखेगा। एशिया में 35 वर्षों के बाद यह संयोग बन रहा है जब ब्लू मून, ब्लड मून और सुपर मून एक साथ दिखाई देगा। (यह फोटो साल के पहले चंद्रग्रहण की है जो बुडापेस्ट से आई है।)
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रोजाना की अपेक्षा आद का चांद काफी चमकीला और बड़ा होगा। बता दें कि पूर्णिमा के चांद की तुलना में आज का चांद 30 फीसदी ज्यादा चमकीला और 12 फीसद बड़ा होगा।
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देश में चंद्रग्रहण 5.18 मिनट से लेकर 8.41 मिनट्स तक रहेगा। इससे पहले ऐसे संयोग एशिया में 30 दिसंबर, 1982 को बना था। जानिए कि आखिर सुपर मून, ब्लू मून और ब्लड मून है क्या।
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सुपर मून तब दिखता है जब चांद और पृथ्वी के बीच की दूरी कम होती है और पृथ्वी सूरज और चांद के बीच आ जाती है। इस स्थिति को सुपर मून कहते हैं। इस स्थिति में चंद्रमा बहुत बड़ा और चमकीला भी दिखाई देता है।
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ब्लू मून उस स्थिति में दिखता है जब पृथ्वी पूरी तरह से मून और सन के बीच आ जाता है और पृथ्वी का नीला रंग चांद पर रिफ्लेक्ट होता है। जो कि सबसे कम दिखाई देता है। इसे ब्लू मून कहा जाता है। कहते हैं कि अगला ब्लू मून 2028 और 2037 में दिखेगा।
ब्लड मून- ऐसे में पृथ्वी की छाया पूरे चंद्रमा को ढंक लेता है लेकिन फिर सूर्य की कुछ किरणें चांद तक पहुंचती हैं। जब सूर्य की किरणें चंद्रमा पर गिरती हैं तो यह लाल दिखाई पड़ता है। इसी वजह से इसे ब्लड मून कहा जाता है।