पंजाब के फाजिल्का की अबोहर तहसील के गांव दूतारवली के लॉरेंस बिश्नोई का सपना धावक बनने का था, मगर कॉलेज की राजनीति और अपराधियों की संगत में जरायम की काली दुनिया का ऐसा नाम बन गया, जिसकी चर्चा हर जगह हो रही है।
पंजाब से लेकर दिल्ली, यूपी, हरियाणा और महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि कनाडा और अमेरिका तक फैली जुर्म की दुनिया में 80 से ज्यादा गैंगस्टर और करीब 700 से ज्यादा शूटरों का उसका संगठित गैंग है।
हाल में लॉरेंस गैंग ने मुंबई में एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी ली है। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का भी उसी पर आरोप है। चंडीगढ़ से अपराध जगत में लॉरेंस की एंट्री और दिल्ली से उसके बढ़ते काले साम्राज्य की कहानी पर पुरुषोत्तम वर्मा की रिपोर्ट...
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लॉरेंस बिश्नोई
- फोटो : एक्स
चंडीगढ़ में इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान खेलों से लगाव और धावक बनने की चाह में लॉरेंस बिश्नोई रोजाना प्रैक्टिस के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी जाया करता था। यहां उसकी मुलाकात लेखप्रीत व रोमी से हुई। संदीप उर्फ काला जठेड़ी समेत कई गैंगस्टरों का करीबी लेखप्रीत इस समय कनाडा में है। सप्ताह के आखिर में दोस्तों का यह गैंग अक्सर यूनिवर्सिटी में होने वाले कार्यक्रम देखने जाते। यहीं लॉरेंस की दोस्ती कानून की पढ़ाई कर रहे कुछ दोस्तों से हुई।
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लाॅरेंस बिश्नोई बाबा सिद्दीकी
- फोटो : फाइल
वर्ष 2007 में लॉरेंस ने भी लॉ की पढ़ाई के लिए एडमिशन ले लिया। यहां संपत नेहरा से उसका याराना हो गया। इन्हीं दोस्तों ने मिलकर स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी यानी एसओपीयू नाम से एक ग्रुप बनाया और कॉलेज चुनाव में उतर गए। प्रचार के दौरान विरोधी गुट से झगड़ा हुआ तो लॉरेंस ने फायरिंग कर दी। यह पहला नामजद केस था, जिससे लॉरेंस ने अपराध की दुनिया में एंट्री ली।
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lawrence bishnoi
- फोटो : अमर उजाला
लॉरेंस जितनी बार अलग-अलग जेलों में रहा, उसका आपराधिक कुनबा उतना ही ज्यादा बढ़ता गया। गैंगस्टर और अपराधियों से दोस्ती के साथ जल्द नाम व पैसा कमाने की चाहत लिए नए-नवेले बदमाशों को शामिल कर लॉरेंस ने खतरनाक गिरोह की नींव रखी। इनमें कई गिरोह तो अब भी लॉरेंस के साथ हैं। उसके एक मामा सेशन कोर्ट से रिटायर्ड जस्टिस हैं, जबकि दूसरे देश के खुफिया विभाग से सेवानिवृत्त हैं। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला और करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के पीछे भी लॉरेंस गैंग का हाथ होने का आरोप है।
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लॉरेंस बिश्नोई।
- फोटो : अमर उजाला
लॉरेंस के विदेश में बैठे साथी
कनाडा-गोल्डी बराड़, लेखप्रीत (फरीदकोट), सत्यवीर सन (अबोहर)
अमेरिका-घरमान कहलोन (कैलिफोर्निया), गुरप्यार बागापुराना, वीरेंदर (कैलिफोर्निया), अनमोल बिश्नोई (लारेंस का छोटा भाई), अमनदीप मुल्तानी
इंग्लैंड-राजा उर्फ मोंटी
थाईलैंड-मनीष भंडारी
पुर्तगाल-लखा कुरुक्षेत्र
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लॉरेंस बिश्नोई
- फोटो : पीटीआई
कई बड़े गैंग भी लॉरेंस के साथ
सुखविंदर ग्रुप, जग्गू भगवानपुरिया, राजस्थान का आनंदपाल गैंग, यूपी का बृजेश सिंह, धनंजय सिंह, बिहार का अनंत सिंह, राजन तिवारी, हरियाणा का काला जठेड़ी, गोगी गैंग और दिल्ली का हाशिम बाबा गैंग
आतंकी लिंक
पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान समर्थक आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा से लॉरेंस का लिंक कई बार सामने आया है।
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गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई।
- फोटो : फाइल
इन गैंग से है दुश्मनी
देवेंद्र, जयपाल भुल्लर, कौशल चौधरी, शेरा कुर्बान, नीरज बवाना।
पूरे उत्तर भारत में फैला है गिरोह
एनआईए के अनुसार लॉरेंस का गिरोह पहले पंजाब तक ही सीमित था, लेकिन अपने करीबी सहयोगी गोल्डी बरार की मदद से लॉरेंस ने एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया। अब यह गिरोह पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और झारखंड सहित पूरे उत्तर भारत में फैल चुका है। बाबा सिद्दीकी को गोली मारने के मामले में पकड़े गए दो शूटर यूपी के ही हैं।
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lawrence bishnoi
- फोटो : अमर उजाला
एनआईए के अनुसार, पाकिस्तान स्थित खालिस्तान समर्थक आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा पंजाब में हत्याओं व अपराधों को अंजाम देने के लिए लॉरेंस के शूटरों का ही इस्तेमाल करता है।
दिल्ली पुलिस ने नकेल डाली तो सबसे ज्यादा कुनबा भी यहीं बढ़ा
लॉरेंस पर दिल्ली पुलिस ने ही नकेल डाली थी। तिहाड़ और मंडोली जेल में उस पर उसके साथियों के खिलाफ मकोका लगाया गया। हालांकि यह बात अलग है कि उसका अापराधिक कुनबा दिल्ली की जेलों में ही सबसे ज्यादा बढ़ा।
दिल्ली की जेलों उसके गिरोह के साथ सबसे ज्यादा 40 से ज्यादा गैंगस्टर जुड़े। दिल्ली पुलिस नादिरशाह हत्याकांड समेत दिल्ली में कई रंगदारी मांगने के मामले में पूछताछ करना चहाती है।
इस समय लारेंस गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। सरकार ने उस पर एक साल तक साबरमती जेल से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है।
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लॉरेंस बिश्नोई
- फोटो : अमर उजाला
कनाडा व अमेरिका में बनाई म्यूजिक कंपनी
लॉरेंस का गुर्गा गोल्डी बराड़ कनाडा व अमेरिका में म्यूजिक और इवेंट कंपनी चला रहा है। इसके लिए समारोह में पंजाब के कई नामी गायकों को बुलाया गया था। गोल्डी बराड़ एक गाने के बदले में इनको 20 लाख तक का पेमेंट करता है। पंजाब के कई नामचीन गायक गोल्डी बराड़ के संपर्क में हैं। सिद्धू मूसेवाला की हत्या, गिप्पी ग्रेवाल व एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग में इसका हाथ है।
गुर्गे देश-विदेश में चला रहे गैंग रोहित गोदरा: विदेश में बैठा बीकानेर निवासी गोदारा 32 मामलों में वांछित है। उसने हाल ही में राजस्थान के दो व्यापारियों से 5 करोड़ और 17 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। गोल्डी बराड़: सतविंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के खिलाफ पंजाब- हरियाणा में 54 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 24 जबरन वसूली से जुड़े हैं। काला जठेड़ी: हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला काला जठेड़ी उर्फ संदीप झांझरिया तिहाड़ जेल में बंद है। अनमोल बिश्नोई: लॉरेंस का भाई अनमोल उर्फ भानु सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी आरोपी है।
सचिन बिश्नोई: सचिन फाजिल्का जिले का रहने वाला है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या में कथित रूप से शामिल सचिन बिश्नोई उर्फ सचिन थापन को अगस्त 2023 में अजरबैजान के बाकू से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। सचिन ने एक इंटरव्यू में कहा कि लॉरेंस उसका मामा है और उसने खुद मूसेवाला को गोली मारी थी। कपिल सांगवान: सांगवान अभी परिवार के साथ यूके में रहता है। इनेलो की हरियाणा इकाई के प्रमुख नफे सिंह राठी की हत्या की साजिश के बाद उसे शीर्ष पांच वांछित गैंगस्टरों की सूची में शामिल किया गया।