इसमें सबसे अधिक संख्या बच्चों की रही। दरअसल इस बार पुस्तक मेला बच्चों को ध्यान में रखकर लगाया गया था। इसलिए बच्चों की पसंद की कई दुर्लभ पुस्तकें मेले में मौजूद रहीं।
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बुक फेयर के आखिरी दिन यंग रीडर्स ने खूब की खरीदारी
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इस दौरान यंग रीडर्स की एक बड़ी जमात बुक फेयर में पहुंची, जिसने न केवल अपनी पसंद की किताबें खरीदी बल्कि गंभीर राइटर्स की किताबों के बारें में एक दूसरे से चर्चा भी की।
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बुक फेयर के आखिरी दिन यंग रीडर्स ने खूब की खरीदारी
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इस दौरान लोगों ने सैर सपाटे के साथ ही अपने पसंदीदा लेखकों की किताबों पर मिल रहे डिस्काउंट और ऑफर का लाभ उठाकर जमकर खरीददारी की।
बुक फेयर के आखिरी दिन यंग रीडर्स ने खूब की खरीदारी
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यहीं नहीं कई बच्चे तो अपने पैरेंट्स से अपनी मनपसंद किताब खरीदने की मांग करते भी दिखे।
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बुक फेयर के आखिरी दिन यंग रीडर्स ने खूब की खरीदारी
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मेले में राजकीय सर्वोदय विद्यालय, आनंद विहार और कैंब्रिज स्कूल, नोएडा के बच्चों द्वारा प्रस्तुत प्रहसन व संगीतात्मक प्रस्तुतियां भी दीं।
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क्लोजिंग सेरेमनी के मौके पर ‘पुस्तकें व आज का युवा’ विषय पर चर्चा हुई। इस मौके पर सांसद व आईसीसीआर के अध्यक्ष डॉ. कर्ण सिंह ने कहा ‘पुस्तकें सभ्यता का विकास करती हैं।