गर्मी की दस्तक के साथ ही शहर में जल संकट गहराने लगा है। एक तरफ जनता पीने के पानी के लिए रातभर जागकर लंबी लाइनों में लग रही है। दूसरी तरफ पानी की बर्बादी का मंजर साफ देखा जा सकता है। 17 अप्रैल को एतमादपुर गांव के जिस मैदान पर सीएम जनता को संबोधित करेंगे, उस मैदान पर रोजाना लाखों लीटर पानी बहाया जा रहा है। निगम के एक कर्मचारी से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि साहब का आदेश है, हम तो उसे पूरा कर रहे हैं। पानी की बौछार का काम रविवार तक रोजाना चलेगा।
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रैली स्थल पर बहाया जा रहा पानी
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, पूरे प्रदेश में विकास रैलियां की जा रही हैं। इस कड़ी में कांग्रेस के गढ़ तिगांव में सीएम विकास योजनाओं की घोषणा रविवार को करेंगे। इस रैली की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई है। रैली स्थल पर रोजाना दर्जनों पानी के टैंकरों से बौछारें की जा रही है। ये हाल तो तब है जब शहर पानी की कमी से जूझ रहा है। मांग और आपूर्ति के बीच 137 एमलडी का अंतर बना हुआ है। एक तरफ पानी का अवैध कारोबार करने वाले जनता पर भारी पड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ खुद सत्ताधारी पार्टी के नुमाइंदे पानी की बर्बादी कर सरकार की छवि खराब कर रहे हैं।
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रैली स्थल पर बहाया जा रहा पानी
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को नगर निगम के कर्मचारी पानी के चार टैंकर लेकर रैली स्थल पर पहुंचे। गांव ऐतमादपुर के खाली मैदान पर टैंकरों ने बौछार करनी शुरू कर दी। एक टैंकर में 25 हजार लीटर से ज्यादा पानी आता है, जो देखते ही देखते खत्म हो गया। उसके कुछ ही देर बाद पानी से भरे टैंकर फिर मैदान पर पहुंचे और फिर वहीं सिलसिला शुरू हो गया। हरियाणा में पानी की कमी को दूर करने के लिए सरकार विजन 2025 पर काम कर रही है। इसके तहत जल संरक्षण और पानी की बर्बादी पर शिकंजा कसने के दावे किए जा रहे हैं। सरकार जल संरक्षण के लिए जागरूकता का सहारा भी लेगी लेकिन शहर के हालात देखकर खुद ब खुद अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्थानीय नेता और प्रशासन जनता के प्रति कितने संवेदनशील हैं।
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रैली स्थल पर बहाया जा रहा पानी
- फोटो : अमर उजाला
आम जनता को पानी उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसे ही पानी बर्बादी होती रहेगी तो लोगों की प्यास कौन बुझाएगा। रैली के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री से इस बारे में विधानसभा में जवाब मांगा जाएगा। - ललित नागर, विधायक, तिगांव विधानसभा
रैली स्थल पर बहाया जा रहा पानी
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सरकार के नुमाइंदों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। इस तरीके से पानी की बर्बादी करना गलत है। अगर आम लोगों की प्यास नही बुझी तो इसका जिम्मेदारी कौन लेगा? - पीएल गोयल, पूर्व एडिशनल सेशन जज
मुझे इसके बारे में जानकारी नही है। अगर पानी की बर्बादी हो रही है तो मैं खुद जाकर देखूंगा। पानी का दुरुपयोग न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।- गोपाल शर्मा, जिलाअध्यक्ष भाजपा