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'स्कूल की टंकी में जहर डालने की योजना से लेकर चाकू से स्कूल में मासूम की हत्या तक, जुर्म हैं संगीन'

Tue, 22 May 2018 03:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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ryan school - फोटो : अमर उजाला
गुरुग्राम के भोंडसी स्थित विद्यालय में दूसरी कक्षा के छात्र प्रिंस की हत्या के मामले में सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेएस कुंडू की विशेष बाल अदालत में सुनवाई हुई। जानिए क्यों अदालत ने नाबालिग आरोपी भोलू पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। आखिर किन तर्कों के आधार पर अदालत ने ये फैसला लिया पढ़ें पूरी खबर...
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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
अदालत ने अपराध की प्रवृति को संगीन मानते हुए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के फैसले को सही ठहराया है। अब 11वीं कक्षा के छात्र भोलू पर वयस्क की तरह ही मुकदमा चलेगा। वहीं, मृतक प्रिंस के पिता वरुण ठाकुर ने कहा कि सोमवार को अदालत के फैसले के बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।
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ryan school - फोटो : अमर उजाला
8 सितंबर 2017 को भोंडसी स्थित विद्यालय में प्रिंस की हत्या के बाद सीबीआई ने 7 नवंबर को 11वीं कक्षा के छात्र भोलू को हिरासत में लिया था। बोर्ड से तीन दिन के रिमांड के दौरान सीबीआई ने आरोपी से पूछताछ की थी। जिसमें आरोपी ने पीटीएम टालने के लिए उक्त वारदात को अंजाम देना कबूल किया था। सीबीआई आरोपी को वारदात के स्थान पर भी लेकर गई थी जहां से उसने चाकू खरीदा था।

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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
सहपाठियों से बात भी की गई थी। इस दौरान आरोपी द्वारा पहले की जा रही पानी की टंकी में जहर घोलने की योजना के बारे में भी पता लगा था। इन बातों का जिक्र आरोपी की सामाजिक जांच रिपोर्ट में भी किया गया है।
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pradyuman murder case - फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल ने बताया कि सामाजिक एवं मानसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने उस पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने का आदेश देते हुए मामले को बाल अदालत में स्थानांतरित किया था। विशेष बाल अदालत में आरोपी पक्ष द्वारा जेजे बोर्ड के इस आदेशों को चुनौती दी गई। अदालत ने सामाजिक एवं मानसिक जांच के आधार पर बोर्ड द्वारा दिए गए फैसले को सही माना है। अदालत ने भी इसे संगीन अपराध की श्रेणी में रखा है।
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