चार से सात माह में औसतन दो करोड़ रुपये में मैडम तुसाद संग्रहालय के लायक पुतला कुल आठ चरण में तैयार होते हैं। दिल्ली के पुतले को तैयार में ग्लोबल कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों की टीम भी शामिल हुई है। कुल 20 सदस्यों की टीम एक पुतले को तैयार करती है। अब तीन स्थानीय टीम दिल्ली के संग्रहालय में बने पुतलों का ख्याल रखेगी। एक पुतले को अंतिम रूप देने में आठ चरणों से गुजरना पड़ता है।
विज्ञापन
2 of 9
Madame Tussauds museum
- फोटो : विवेक निगम
पहला-
दो घंटे की सिटिंग, यह पहली प्रक्रिया है। इसमें हस्ती के साथ कलाकारों की एक टीम कम से कम दो घंटे गुजारती है। इस दौरान उसका 250 तरह के अलग-अलग माप व 150 फोटोग्राफ ली जाती है। इसमें चेहरा, कमर, हाथ व पैर भी शामिल हैं। आंखों व बाल का कलर भी मैच कराया जाता है।
विज्ञापन
3 of 9
Madame Tussauds museum
दूसरा-
स्कल्पटिंग (कलाकृति), शरीर के हिस्सों का माप लेने के बाद उस आकार की कलाकृति तैयार की जाती है। यह मेटल व तार के जरिए तैयार होता है। उसके बाद उस पर चिकनी मिट्टी से शरीर के माप के मुताबिक उसे तैयार किया जाता है। इसमें कुल 150 किलो चिकनी मिट्टी लगती है।
4 of 9
Madame Tussauds museum
- फोटो : विवेक निगम
तीसरा-
मोल्डिंग, चिकनी मिट्टी से तैयार कलाकृति को फाइबर ग्लास के सांचे में ढालकर आकार दिया जाता है। मोल्डिंग में कुल 170 घंटे का समय लगता है। फिर चिकनी मिट्टी से बने सिर के 13 टड़ों के प्लास्टर का ढांचा बनाया जाता है। इसे खास बीजवैक्स और जापान वैक्स के मिश्रण को 74 डिग्री सेंटीग्रेड तक गर्म किया जाता है। करीब साढ़े चार किलो मोट से सिर और हाथों को ढालने के लिए दो किलो मोम लगता है। एक मूर्ति की कुल वजन 25 किलो होता है।
विज्ञापन
5 of 9
Madame Tussauds museum
- फोटो : विवेक निगम
चौथा-
बाल लगाना, उसके बाद शेप तैयार करने के बाद सिर में बाल लगाने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके लिए वास्तविक बाल का इस्तेमाल किया जाता है। उसका कलर बारीकी से मिलाकर फिर उसे लगाया जाता है।
विज्ञापन
6 of 9
Madame Tussauds museum
- फोटो : विवेक निगम
पांचवां-
रंग करना, इसमें हस्तियों की कलाकृति को रंगने का काम शुरू होता है। इसमें शरीर के स्किन से लेकर आंख, भौ, एक-एक बाल व दाढ़ी के रंग तक का ध्यान रखा जाता है।
विज्ञापन
7 of 9
Madame Tussauds museum
- फोटो : विवेक निगम
छठा-
आंख व दांत बनाना, पुतला बनाने के छठे चरण में आंख व दांत तैयार किया जाता है। हस्तियों के वास्तविक आंख व दांत की ही तरह आंख का शेप, कलर और दांत का शेप तैयार किया जाता है।
8 of 9
Madame Tussauds museum
- फोटो : अमर उजाला
सातवां-
इस चरण में कलाकृति को पोशाक पहनाई जाती है। यह पोशाक या तो खुद हस्तियां डोनेट करती है या फिर उनके डिजाइन से तैयार कराया जाता है।