देश के पहले आईआईटियन मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का रविवार को निधन हो गया। पैन्क्रियाज कैंसर से जूझ रहे 63 वर्षीय परिकर की हालत पिछले दो दिन से बेहद खराब थी। रविवार को उनकी स्थिति और ज्यादा नाजुक हो गई थी, जिसके बाद दोना पाउला स्थित उनके निजी आवास पर डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य को संभालने का प्रयास किया। लेकिन रात 8 बजे के करीब उनका निधन हो गया। आइए जानते हैं पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर का दिल्ली कनेक्शन...
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मनोहर परिकर
- फोटो : अमर उजाला
अपने कार्यकाल में मनोहर परिकर ने जो विकासात्मक मील के पत्थर स्थापित किए उसे देश कभी नहीं भूला सकता। मनोहर परिकर देश के एकमात्र ऐसे मंत्री रहे जिन्होंने बीमारी के दौरान भी गोवा के मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाले रखा। यहां तक कि एकबार तो उन्होंने एम्स में भर्ती रहने के दौरान अपने कैबिनेट की बैठक अस्पताल में ही बुला ली। इसी से उनकी कर्तव्य परायणता का बोध होता है।
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मनोहर परिकर
- फोटो : PTI
पीड़ा सहते हुए भी परिकर ने कभी अपने कार्यों से पांव पीछे नहीं खींचे। इसकी तारीफ उनके साथ काम कर चुके मंत्रियों से लेकर विपक्षी तक करते हैं। ज्ञात हो परिकर ने 12 अक्टूबर 2018 को दिल्ली के एम्स में कैबिनेट की बैठक बुलाई थी।
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परिकर
- फोटो : amar ujala
उस समय वे गोवा के मुख्यमंत्री का पद संभाल रहे थे। परिकर 15 सितंबर को एम्स अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए जहां जरूरत पड़ने पर एम्स में ही आधिकारिक बैठक बुलवा ली। मनोहर परिकर ने इस बैठक में गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं से भी चर्चा की।
बैठक में उन्होंने राज्य के शासन से संबंधित मुद्दों को लेकर चर्चा की थी। इस बैठक में पार्टी नेताओं के अलावा महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के नेता सुदीन धवलीकर, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के नेता विजय सरदेसाई और गोवा में भाजपा नीत गठबंधन सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक गोविंद गावड़े, रोहन खाउंते और प्रसाद गांवकर को आमंत्रित किया गया था। मनोहर परिकर जितने गंभीर नजर आते थे उतने ही जिंदादिल इंसान भी थे। उसी जिंदादिली के साथ वह कैंसर से जंग लड़ते हुए भी अपने काम को नहीं भूले।