सिफारिश पर भी नहीं बदलेगा नंबर
पहले अगर किसी को मन चाहा नंबर चाहिए होता था तो सीरीज से नंबर आने का इंतजार करना पड़ता था। वहीं, किसी अधिकारी ने अपने परिचित को वह नंबर दे दिया तो लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर जाता था और वाहन स्वामियों को अनचाहा नंबर लेकर संतोष करना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पांच हजार रुपये की रसीद कटवाने के बाद वह नंबर किसी दूसरे को नहीं दिया जा सकेगा। इसके लिए न तो विधायक, सांसद और ना ही किसी अधिकारी की सिफारिश काम आएगी।
परिवहन विभाग से नई सीरीज में वीवीआईपी और वीआईपी नंबर छोड़कर कोई और नंबर लेना है तो उसके लिए 5 हजार रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होगा और रसीद को अपने वाहन की फाइल के साथ कार्यालय में जमा कराना होगा। उस व्यक्ति को वही नंबर मिल जाएगा। नवरात्र से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।- एके पांडेय, एआरटीओ प्रशासन, गौतमबुद्ध नगर