दिल्ली के करोलबाग के होटल में लगी आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धुंए के फंसे लोग खुद को बचाने की गुहार लगाते रहे लेकिन अचानक उठी आग की लपटों ने उनकी आवाज बंद कर दी। लपटों के बीच से अपनी जान बचने की उम्मीद में दो लोगों ने होटल की उपर की मंजिल से छलांग लगा दी लेकिन ऊंचाई से गिरने की वजह से उनकी मौके पर मौत हो गयी।
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होटल में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोस के होटल में ठहरे रंजीत सिंह ने बताया कि तड़के करीब चार बजे उन लोगों ने बचाओ बचाओ की आवाज सुनी। रंजीत डीडब्ल्यूडी फार्मा में काम करते है और उनकी कंपनी की पूरी टीम मैनेंजमेंट डिवल्पमेंट प्रोग्राम के लिए दिल्ली आई हुई है। वह अपनी टीम के साथ अर्पित होटल के बगल वाले होटल में ठहरे हैं।
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लोगों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर सभी होटल के बाहर निकले। उन लोगों ने देखा कि होटल की उपर की दो मंजिलों में आग लगी है और अन्य मंजिलों की खिड़कियों से धुंआ निकल रहा है। लोग खिड़की के पास खड़े होकर बचाने की गुहार लगा रहे हैं।
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होटल अर्पित
- फोटो : अमर उजाला
रंजीत और उनके सहयोगियों ने तुरंत दमकल विभाग व पुलिस को आग लगने की जानकारी दी और लोगों को बचाने में जुट गये। रंजीत के सहयोगी भूपेंद्र ने बताया कि होटल में मौजूद लोगों ने पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दे दी थी। लेकिन दमकल विभाग के कर्मचारियों को मौके पर पहुंचने में काफी देर हुई।
इस बीच उपर की दो मंजिलों में आग ने भयावह रूप ले लिया और धीरे धीरे मदद के लिए गुहार लगाने वालों की आवाज आनी बंद हो गयी। आग की भयावहता के बीच खुद को बचाने के लिए एक महिला समेत दो लोगों ने चौथी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। रंजीत व उनके सहयोगियों ने एंबुलेंस के जरिए दोनों को आरएमएल अस्पताल भिजवाया, जहां दोनों की मौत हो गयी।